रहीमाबाद के दिलावरनगर रेलवे स्टेशन के बीच बेलवा फाटक के पास बुधवार सुबह दो सहेलियों नीतू (23) और शशि (20) ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। दोनों ने आत्महत्या क्यों की इसका पता नहीं चल सका है। नीतू बुधवार सुबह ही मायके आई थीं। दोनों बचपन से साथ रहती थीं। इस घटना से गांव में कई तरह की चर्चा है।
मनकौटी के राजाखेड़ा गांव निवासी नीतू का विवाह छह माह पूर्व उन्नाव के औरास धनैया खेड़ा निवासी ईशू से हुआ था। बुधवार सुबह करीब 10 बजे नीतू देवर के साथ गांव आई थीं। पिता बुद्धा ने बताया कि नीतू सहेली शशि से मिलने गई थी। दोनों घर से लगभग 400 मीटर दूर रेलवे ट्रैक पर पहुंचीं और ट्रेन के सामने कूद गईं। ट्रेन चालक की सूचना पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। छानबीन में रेलवे लाइन से थोड़ी दूरी पर स्थित बाग में उनकी चप्पलें और स्टॉल मिले।
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एसीपी मलिहाबाद सुजीत कुमार दुबे ने बताया कि दोनों की बचपन से गहरी दोस्ती थीं और अक्सर साथ रहती थीं। शादी के बाद भी नीतू अक्सर मायके में ही रहती थी। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। नीतू के देवर ने बताया कि नीतू ने पिता से मिलने की बात कही। इस पर वह उन्हें लेकर आए थे। नीतू के पति ईशू दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं।
गांव में तरह-तरह की चर्चा: ग्रामीणों ने दोनों को सुबह रेलवे लाइन किनारे हाथ में हाथ डाले जाते देखा था। एक घंटे बाद उनकी मौत की सूचना मिली। गांव में कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि शशि, नीतू के देवर से शादी करना चाहती थी लेकिन शशि के पिता इसके लिए राजी नहीं थे। वहीं, कुछ का मानना है कि दोनों एक-दूसरे से अलग नहीं होना चाहती थीं।
नीतू की शादी के बाद से शशि गुमसुम रहने लगी थी। शशि की शादी एक वर्ष पूर्व तय हुई थी लेकिन गोद भराई के बाद टूट गई थी। शशि के परिवार में अशर्फी लाल, बहन पूना, भाई राजकुमार, विनोद, मनीष, विकास और अवधेश हैं। वहीं, नीतू के परिवार में बुद्धा, भाई नरेश, बहनें अनीता और मीरा हैं। शशि ने हाईस्कूल और नीतू ने इंटर तक की पढ़ाई की थी।
