प्रदेश सरकार नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान को कुकरैल नाइट सफाई में स्थानांतरित करने के लिए अपना पक्ष रखेगी। सुप्रीम कोर्ट की केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) ने लखनऊ के कुकरैल में प्रस्तावित नाइट सफारी परियोजना को सैद्धांतिक अनुमति तो दे दी है, पर वहां चिड़ियाघर के स्थानांतरण के प्रस्ताव को सही नहीं माना है।
उत्तर प्रदेश के हेड ऑफ फॉरेस्ट सुनील चौधरी बताते हैं कि नाइट सफारी को चिड़ियाघर में ही बनाने का प्रावधान है। इसी को देखते हुए चिड़ियाघर को कुकरैल में स्थानांतरित करने के साथ ही वहां नाइट सफारी बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। शासन के सूत्रों के मुताबिक, इस नजरिये को सामने रखा जाएगा।
कुकरैल वन में नाइट सफाई बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृति अनिवार्य है, इसलिए कोर्ट ने पर्यावरण पर प्रभाव पर सीईसी की रिपोर्ट मांगी थी। सीईसी ने नाइट सफारी में प्रस्तावित एडवेंचर जोन रद्द करने की सिफारिश भी की है। एडवेंचर जोन के तहत जिप लाइन समेत तमाम रोमांचक गतिविधियां शामिल की जानी थी।