
आदिनाथ भगवान की 21 फुट की प्रतिमा तैयार है।
– फोटो : amar ujala
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राजधानी लखनऊ में जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर आदिनाथ भगवान की 21 फीट की पद्मासन (बैठने की मुद्रा) प्रतिमा स्थापित होगी। काकोरी स्थित जैन मंदिर में इसकी प्राण प्रतिष्ठा एक साल में होगी। हालांकि, प्रतिमा को देखने के लिए अभी से जमावड़ा लगने लगा है।
प्रदेश में पद्मासन की यह पहली प्रतिमा है, जो एक पत्थर पर बनाई गई है। इसे वेदी पर विराजमान कर दिया गया है। जून के अंतिम सप्ताह में आचार्य विशुद्ध सागर महा मुनिराज के सानिध्य में इसके अनावरण का भव्य आयोजन होगा।
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भगवान पार्श्वनाथ धाम काकोरी के ट्रस्टी विशाल जैन ने बताया कि भगवान आदिनाथ की प्रतिमा को मकराना (राजस्थान) के मूर्तिकार मदनलाल ने आकार दिया है। इसे बनाने में करीब छह महीने का समय लगा है।
आचार्य विशुद्ध सागर महा मनिराज सोनारगिरि में हैं। उनसे प्रतिमा का अनावरण कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद पंचकल्याणक के शुभ मुहूर्त की तारीख तय होगी। विशाल जैन ने बताया कि भगवान आदिनाथ के दर्शन से मन में सुख शांति की अनुभूति होती है। श्रद्धालुओं पर उनकी कृपा बरसती है।
