एसयूवी (थार) से लिफ्ट देने के बहाने लूटपाट करने के सात आरोपियों को सैरपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार रात गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास लूटे गए 40,130 रुपये, दो मोबाइल फोन, दो तमंचे और घटना में इस्तेमाल एसयूवी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, शौक व नशे की लत पूरी करने के लिए आरोपी लूटपाट करते थे। छह आरोपी पेशे से मजदूर हैं।
एडीसीपी नॉर्थ ऋषभ रूढवाल ने बताया कि सैरपुर में कानपुर घाटमपुर निवासी टैंकर चालक हृदय नारायाण, सरोजनीनगर में कानपुर निवासी फिदा हुसैन और बख्शी का तालाब में चिनहट निवासी बलराम पटेल को अलग-अलग दिन लिफ्ट देने के बहाने एसयूवी सवार बदमाशों ने लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया था। तीनों थानों में लूट का केस दर्ज किया गया था। तीनों घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम लगी थी।
एडीसीपी ने बताया पुलिस को एसयूवी सवार बदमाशों की सीसीटीवी फुटेज मिली थी। फुटेज की मदद से बृहस्पतिवार रात सैरपुर पुलिस व क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने लोधमऊ अंडरपास के पास एसयूवी सवार सुशांत गोल्फ सिटी निवासी ऋषभ गोस्वामी, अक्षय कुमार, आलोक और गोरखपुर सहजनवां कोडरा गांव निवासी शुभम पांडेय को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास हृदय नारायण के पास से लूटे गए 40,130 रुपये, दो मोबाइल फोन और दो तमंचे बरामद हुए।
आरोपियों ने बताया कि एसयूवी उनके साथी आशियाना रुचिखंड निवासी ऋषभ पांडेय की है। ऋषभ की जस्ट बुक योर कार नाम से ट्रैवल एजेंसी है। आरोपी ऋषभ से गाड़ी मांगकर लाते थे और लूटपाट करते थे। लूटे गए सामान में ऋषभ पांडेय को भी हिस्से दिया जाता था।
इसके बाद आरोपी ऋषभ पांडेय को भी गिरफ्तार किया गया। वह मूल रूप से बाराबंकी के हैैदरगढ़ का रहने वाला है। छानबीन में पुलिस को लुटेरे के दो अन्य साथियों पीजीआई निवासी ज्ञानी और रामसफल का नाम भी पता चला। दोनों को गिरफ्तार कर लिय गया है। आरोपी ऋषभ गोस्वामी और अक्षय कुमार के खिलाफ पहले से शहर के अलग-अलग थानों में चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
