
खदानों में जांच करती डॉ. रोशन जैकब
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अवैध खनन और अवैध परिवहन में खनन माफिया को संरक्षण देने और भ्रष्टाचार के आरोप में प्रदेश सरकार ने गोरखपुर के वरिष्ठ खान अधिकारी, गाजीपुर, बागपत के खनन अधिकारी और गोंडा के खान निरीक्षक को निलंबित किया है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव डॉ. रोशन जैकब ने बृहस्पतिवार को देर रात वाराणसी में छापेमारी कर बड़ी संख्या में उप खनिजों का अवैध परिवहन पकड़ा है।
डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगातार अवैध बालू और मौरंग खनन की शिकायतें मिल रही थी। इस पर गोंडा, गोरखपुर, गाजीपुर, बागपत, श्रावस्ती, रामपुर, गोरखपुर, महाराजगंज एवं झांसी में लगभग 45 क्षेत्रों की निदेशालय की टीम ने जांच की। 21 क्षेत्रों में स्वीकृति से अधिक लगभग 72,000 घन मी. अवैध बालू का खनन पाया गया। जिन जगहों पर अवैध खनन पाया गया, वहां खनिज परिवहन पर रोक लगा दी गई है। गोरखपुर के वरिष्ठ खान अधिकारी कमल कश्यप, गाजीपुर के खान अधिकारी अरविंद कुमार एवं बागपत के खान अधिकारी हवलदार यादव यों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है। गोंडा में बालू के अवैध खनन पर खान निरीक्षक सीपी जायसवाल को निलंबित किया गया।
डॉ.जैकब ने बताया कि किसानों के निजी प्रयोग के लिए अपनी भूमि से मिट्टी के खनन के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। उन्हें केवल माईन मित्रा पोर्टल पर स्वपंजीकरण के आधार पर मिट्टी का उपयोग किये जाने की छूट प्रदान की गयी है। किसानों द्वारा मिट्टी के गैर व्यवसायिक प्रयोग में पुलिस विभाग अथवा खनिज विभाग के कर्मचारियों की ओर से वसूली होती मिली तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
250 से अधिक खनिज लदे वाहनों की हुई जांच
डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि मिर्जापुर, सोनभद्र, वाराणसी में खनिजों के अवैध परिवहन एवं ओवरलोडिंग की लगातार शिकायत मिल रही थी। इस पर भूतत्व एंव खनिकर्म सचिव के नेतृत्व में 25 सदस्यीय जांच टीम ने बृहस्पतिवार रात वाराणसी के राजातालाब, टेंगड़ा मोड़, नरायनपुर तिराहा पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान सोनभद्र, मिर्जापुर समेत अन्य राज्य मध्य प्रदेश एवं बिहार से आने वाले 250 से अधिक खनिज लदे वाहनों की जांच की गई।
इस दौरान बिना आईएसटीपी के खनिज का परिवहन मिलने पर उसे सीज करते हुए सम्पूर्ण खनिज की रॉयल्टी, खनिज मूल्य सहित जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए। जांच के दौरान कई वाहनों में नंबर प्लेट नहीं मिले तथा कुछ में नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की गई थी। इन वाहनों पर एक से अधिक खनिजों के ओवरलोड के चालान पाए गए। ऐसे वाहनों के परमिट निरस्तीकरण के लिए परिवहन विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों निर्देश दिए हैं।
