लखनऊ के गोमतीनगर के विकासखंड में रविवार सुबह मंदिर से लौट रहे स्मारक सुरक्षा वाहिनी में तैनात सिपाही अखिलेश त्रिपाठी को राजस्थान पुलिस उठा ले गई। यह देख लोगों को लगा कि सिपाही का अपहरण हो गया। अखिलेश की पत्नी आराधना ने अपहरण की सूचना पुलिस को दी। छानबीन में पता चला कि अखिलेश को राजस्थान पुलिस ले गई है।

एसीपी गोमतीनगर बृज नारायण सिंह ने बताया कि सिपाही अखिलेश त्रिपाठी रविवार सुबह दो बेटों अनमोल और अगन के साथ घर के पास स्थित मंदिर में जल चढ़ाकर पैदल लौट रहे थे। तभी काले रंग की स्कॉर्पियो में आए पांच लोगों ने उन्हें रोक लिया। वे लोग अखिलेश को जबरन गाड़ी में बैठाकर साथ ले जाने लगे। उनके बेटों व स्थानीय लोगों ने विरोध किया तो स्कॉर्पियो सवार लोगों ने खुद को पुलिस वाला बताया।

अखिलेश के बेटों ने मां को घटना की जानकारी दी।

उन्होंने पति के अपहरण की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। मौके पर पहुंचे एसीपी और गोमतीनगर पुलिस ने आराधना और आसपास के लोगों से बातचीत की। कुछ देर की छानबीन के बाद पता चला कि अखिलेश को राजस्थान पुलिस ले गई है।

इंस्पेक्टर गोमतीनगर बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि अखिलेश के खिलाफ 2002 में राजस्थान के सवई माधोपुर के गंगापुर सिटी थाने में धोखाधड़ी व जालसाजी का केस दर्ज किया गया था। इसी मामले में उनके खिलाफ कोर्ट से एनबीडब्ल्यू भी जारी है और गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है।



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