राजधानी लखनऊ की मतदाता सूची में 1.26 लाख नाम उन लोगों के शामिल थे जिनकी मृत्यु हो चुकी है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में इसका खुलासा हुआ है। अब इन मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। ये आंकड़ा कुल मतदाताओं का 3.1 फीसदी है।
वर्तमान में एसआईआर का कार्य अंतिम चरण में है। दावा है कि तय समय में कार्य पूरा हो जाएगा। लखनऊ की वर्तमान मतदाता सूची में 39 लाख 94 हजार 535 मतदाताओं के नाम हैं। एसआईआर के दौरान पता चला कि एक लाख 26 हजार ऐसे मतदाताओं के नाम हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है। नियमानुसार इनके नाम सूची से हटाए जाने थे, लेकिन अब तक ये नाम जुड़े हुए थे। अब इन नामों को हटाया गया है। नई सूची में मृतकों के नाम हट चुके होंगे।
एक शहर में दो जगह बने थे मतदाता
एसआईआर के दौरान अब तक 45 हजार ऐसे मतदाता सामने आए हैं जिनका नाम दो जगह की मतदाता सूची में है। ये सभी लखनऊ के ही रहने वाले हैं। ये पहले एक जगह वोटर थे। दूसरे स्थान गए तो वहां की सूची में भी नाम जुड़वा लिया, लेकिन पहली सूची से अपना नाम नहीं हटवाया। अब इनका नाम सिर्फ एक जगह की सूची में रहेगा। दूसरी जगह से नाम हटाया जा रहा है।
5.12 लाख मतदाता हो चुके हैं विस्थापित
मौजूदा मतदाता सूची में शामिल 5.12 लाख मतदाता ऐसे हैं जो शहर से विस्थापित हो चुके हैं। एसआईआर के बाद जो मतदाता सूची जारी होगी उसमें इनके नाम नहीं शामिल किए जाएंगे। ऐसे लोग वर्तमान में जिस जगह रह रहे हैं, वहीं की मतदाता सूची में नाम जोड़ा जाएगा।
आज व कल ही मौका: एसआईआर फॉर्म भरकर जमा करने की आखिरी तारीख 11 दिसंबर है। अब भी जिन लोगों ने फॉर्म नहीं भरा है तो उनके पास सिर्फ दो दिन यानी बुधवार और बृहस्पतिवार का ही समय है। ऐसे लोग अपने इलाके के बीएलओ से संपर्क कर फॉर्म भरकर जमा कर सकते हैं।
