लखनऊ में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चुनाव में मंगलवार को अचानक हंगामा हो गया, जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया। उच्च न्यायालय, लखनऊ परिसर के पास चल रहे चुनाव में अपरान्ह वकीलों ने चुनाव प्रक्रिया में भारी अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद हाईकोर्ट परिसर में तनाव का माहौल बन गया और सुरक्षा के दृष्टिकोण से फोर्स को तैनात करना पड़ा।
बता दें, चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों के कारण रिटर्निंग ऑफिसर ने चुनाव प्रक्रिया को स्थगित करने का आदेश दिया। इसके बाद नई तारीख की घोषणा के लिए कोई आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई। बार काउंसिल के चुनाव में इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद वकील समुदाय में आक्रोश का माहौल बन गया है। चुनाव में व्यवधान डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी बात की जा रही है।
वहीं, हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। वकील समुदाय के कई वरिष्ठ सदस्य इस पूरे घटनाक्रम को लेकर निराश नजर आ रहे हैं और उन्होंने इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
चुनाव के स्थगन के बाद बार काउंसिल के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने वकीलों से शांतिपूर्ण तरीके से स्थिति को संभालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि चुनाव की तारीख की घोषणा बहुत जल्द की जाएगी, लेकिन फिलहाल लखनऊ में चुनाव प्रक्रिया को स्थगित किया गया है।
प्रत्यक्ष दर्शियों ने कही ये बात
आरोप है कि मंगलवार शाम लगभग 4 बजे, जब मतदान चल रहा था, एक वकील ने देखा कि बैलेट पेपर पर एक प्रत्याशी के नाम के आगे पहले से ही टिक लगा हुआ था। प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया कि यह देख वकीलों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने पर्चे फाड़कर फेंक दिए। कुर्सियां और मेज भी गिरा दी गई।
चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से बाधित हो गई।वकीलों का आरोप था कि चुनाव के नाम पर मजाक किया जा रहा है और यह पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है। हंगामा फैलने के तुरंत बाद मतदान प्रक्रिया को रोक दिया गया। कई वकील परिसर के अंदर ही नारेबाजी करने लगे, जबकि कुछ बाहर बैठकर चुनाव का बहिष्कार करने लगे।
लखनऊ समेत प्रदेश के 17 जिलों में बार काउंसिल के चुनाव आयोजित किए गए हैं। वकीलों को शाम 5 बजे तक मतदान करना था, लेकिन लखनऊ उच्च न्यायालय परिसर में चुनाव प्रक्रिया शाम 4 बजे ही स्थगित करनी पड़ी। बार काउंसिल के सदस्य पद के लिए कुल 333 वैध प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
प्रत्येक प्रत्याशी को नामांकन शुल्क के रूप में 1.50 लाख रुपए जमा करने पड़े। इसके अलावा जिलों की मतदाता सूची के लिए प्रत्याशियों को अतिरिक्त 25 हजार रुपए का भुगतान भी करना पड़ा। इसी चुनावी प्रक्रिया के तीसरे चरण में मंगलवार को लखनऊ में मतदान हो रहा था। जिसमें लखनऊ के ही करीब 27 हजार से अधिक अधिवक्ता मतदाताओं को मतदान करना था।
