गो तस्करी के मामले में आरोपी महिला की तलाश में दो दरोगा और एक सिपाही सोमवार दोपहर हाईकोर्ट पहुंचे। इसके बाद एक अधिवक्ता के चैंबर में घुसकर महिला को पकड़ने का प्रयास करते हुए धमकाया। पुलिसवालों के इस तरह दबिश देने का विरोध करते हुए अधिवक्ताओं ने उन्हें घेर लिया। विभूतिखंड थाने की पुलिस के पहुंचने पर प्रकरण शांत हुआ। इसके बाद दोनों दरोगाओं व सिपाही के खिलाफ विभूतिखंड थाने में अलग-अलग एफआईआर कराई गई। मामले की जानकारी पर डीसीपी ने तीनों को निलंबित कर दिया।

माल के ऊंचाखेड़ा निवासी सुशील कुमार ने 14 जनवरी को काकोरी थाने में अमीनाबाद के मो. वासिफ के खिलाफ उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम 1955 की धारा 3,4 और 8 के तहत एफआईआर कराई थी। जांच में आमिना खातून का नाम प्रकाश में आया तो पुलिस ने उसे भी आरोपी बना दिया।

ये भी पढ़ें – घूसखोरी में गिरफ्तार सीजीएसटी अफसरों से पूछताछ करेगी सीबीआई, ठिकानों से बरामद हुए थे 90 लाख नकद और…



ये भी पढ़ें – व्यापारी परेशान… बोले- सोने-चांदी पर 3% जीएसटी हटे, आयात शुल्क शून्य हो, नहीं तो खत्म हो जाएगा व्यापार

सोमवार दोपहर काकोरी थाने के दरोगा उस्मान खान, लाखन सिंह और सिपाही पुष्पेंद्र सिंह को पता चला कि आमिना हाईकोर्ट में अधिवक्ता रिश्तेदार गुफरान सिद्दीकी से मिलने पहुंची हैं। इस पर तीनों हाईकोर्ट पहुंचे और अंदर जाने के लिए पर्ची बनवाई। इसके बाद तीनों गुफरान के चैंबर नंबर 515 ब्लॉक सी में पहुंचे। जैसे ही पुलिसवालों ने आमिना को पकड़ने की कोशिश की अधिवक्ता जमा हो गए। वकीलों ने हाईकोर्ट परिसर में इस तरह दबिश डालने का विरोध करते हुए पुलिसवालों को घेर लिया। देखते ही देखते मामले ने तूल ले लिया और सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को पहुंच गई। कुछ देर में विभूतिखंड थाने की पुलिस पहुंची और दोनों दरोगाओं और सिपाही को वहां से निकालकर मामला शांत कराया।

अधिवक्ता सज्जाद हुसैन और हाईकोर्ट के निबंधक (सुरक्षा) शैलेंद्र कुमार ने तीनों के खिलाफ झूठी सूचना देना, आपराधिक अतिचार, धोखाधड़ी और धमकाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो देर रात ही डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने तीनों पुलिसवालों को निलंबित कर दिया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *