
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आकांक्षात्मक विकास खंडों में तैनात सभी सीएम फेलो अच्छा काम कर रहे हैं। यह अवसर इन युवाओं को मूल्यवान अनुभव देने वाला है। सीएम फेलो की सेवा अवधि पूरी होने के बाद भविष्य में होने वाली सरकारी सेवाओं में इन युवाओं को वरीयता दी जाए। उन्हें आयु में छूट और अनुभव के लिए भारांक दिया जाना चाहिए। इसके लिए स्पष्ट नीति तैयार करने के निर्देश भी दिए।
सीएम ने बुधवार को नियुक्त एवं कार्मिक विभाग के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि छह वर्ष में वरिष्ठ पदों पर तैनाती की औसत अवधि में विस्तार हुआ है। 2012-17 तक जिलाधिकारी स्तर पर जहां औसतन 12 माह का कार्यकाल होता था, आज न्यूनतम 18 माह की अवधि मिल रही है। इसी प्रकार, अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव पद पर वर्ष 2012-17 के मध्य औसतन कार्यकाल 17 माह का हुआ करता था, आज औसतन 26 माह की अवधि मिल रही है। इससे अधिकारियों को कार्य करने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव, नियुक्त एवं कार्मिक डॉ. देवेश चतुर्वेदी समेत सभी प्रमुख अफसर उपस्थित रहे।
30 सितंबर तक पूरी हो पदोन्नति संबंधी प्रक्रिया
उन्होंने कहा कि पदोन्नति की प्रक्रिया अनावश्यक लंबित न रखी जाए। इस वर्ष की जाने वाली पदोन्नति की कार्यवाही प्रत्येक दशा में 30 सितंबर तक पूरी कर ली जाए। योगी ने कहा कि कर्मचारियों की एसीआर को उनकी कार्यक्षमता और कार्यपद्धति से जोड़ा जाना चाहिए। इस संबंध में तकनीक की मदद से एक बेहतर कार्ययोजना तैयार करें।
कार्मिक विभाग में बनेगा एक और कार्मिक अनुभाग
सीएम ने कहा कि कर्मचारियों की नियुक्ति, स्थानांतरण, अवकाश प्रबंधन, मेरिट बेस्ड ऑनलाइन ट्रांसफर, वेतन आहरण, सेवा पुस्तिका प्रबंधन और कार्यमुक्ति के लिए मानव संपदा पोर्टल का उपयोग किया जाना चाहिए। कार्मिक विभाग के अंतर्गत पूर्व से स्थापित प्रशिक्षण समन्वय प्रकोष्ठ के कार्यों के साथ डिजिटल प्रशिक्षण का समन्वय करने और मानव सम्पदा पोर्टल और ई-अधियाचन संबंधी परियोजनाओं को संचालित करने के लिए सचिवालय प्रशासन विभाग एक नए अनुभाग कार्मिक अनुभाग-5 का सृजन किया जाए।
कर्मचारी संगठनों से बनाए रखें संवाद
योगी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कर्मचारी संगठनों का पूरा सम्मान है। शासन स्तर के अधिकारियों से विभागाध्यक्ष तक कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों व प्रतिनिधियों से संवाद बनाए रखें। उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए।
उपाम के नए परिसर में जाएगा सचिवालय प्रशिक्षण संस्थान
उन्होंने कहा कि लखनऊ में निर्माणाधीन राज्य प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी को शीघ्र चालू किया जाए। ऐसे विभाग जिनके पास अपने प्रशिक्षण संस्थान नहीं है, उनके लिए वहां पर प्रशिक्षण का कार्यक्रम किया जाए। यह अकादमी समस्त समूह ”ख” के नवनियुक्त अधिकारियों को एक साथ प्रशिक्षण देने में उपयोगी होगा। सचिवालय प्रशिक्षण संस्थान को उपाम के नए परिसर में स्थापित भी किया जाना चाहिए।
