इंदिरानगर स्थित किड्जी स्कूल की वैन में चालक मो. आरिफ के चार वर्ष की मासूम से दुष्कर्म की घटना में स्कूल प्रबंधन का लापरवाह रवैया सामने आया है। स्कूल वालों ने आरोपी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने के बजाय बच्ची की मां को ही बदनामी का डर दिखाकर एफआईआर करने से रोक दिया था।
स्कूलवालों ने उन्हें अपने स्तर से वैन चालक पर कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन किया कुछ नहीं। इससे आरोपी की हिम्मत इतनी बढ़ गई कि घटना के दो दिन बाद 16 जुलाई को उसने महिला को फोन कर कहा कि छात्रा को तैयार रखो, लेने आ रहा हूं। उसने बच्ची को स्कूल ले जाने का दबाव भी बनाया। हालांकि, महिला ने बेटी को स्कूल भेजने से इन्कार कर दिया।
मूल रूप से हरदोई निवासी व इंदिरानगर में रह रही महिला ने बताया कि 14 जुलाई की सुबह वैन चालक उनकी बेटी को स्कूल ले गया था। उन्होंने कह दिया था कि दोपहर को वह उसे लेने खुद आएंगी। घर लाने के बाद जब बेटी को खाना दिया तो वह परेशान दिखी। कारण पूछने पर कुछ बोली नहीं, पर महिला को उसके चेहरे पर डर दिख रहा था। उन्होंने बेटी को समझाया और बातचीत की तो उसने वैन चालक की करतूत बताई।
महिला का कहना है कि उन्हें बेटी के शरीर पर चोट के निशान मिले। वह तुरंत शिकायत करने स्कूल पहुंची तो प्रबंधन ने बच्ची व स्कूल की बदनामी का डर दिखाते हुए अपने स्तर से कार्रवाई का आश्वासन देकर लौटा दिया। इसके बाद महिला बेटी को डॉक्टर के पास लेकर पहुंची। जांच में पता चला कि उसके साथ गलत काम किया गया है।
महिला ने बताया कि वह दो दिन तक कार्रवाई का इंतजार करती रही। 16 की सुबह जब आरोपी चालक ने उन्हें फोन कर बेटी को स्कूल के लिए तैयार रखने के लिए कहा तो साफ हो गया कि स्कूल प्रबंधन ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। इसके बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की और आरोपी पकड़ा गया।