शाम करीब चार बजे अतुल का शव घर पहुंचा। बड़े बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां कमला देवी दहाड़े मारकर बेसुध हो गईं। वहीं, पिता वीरेंद्र कुमार जैन भी बेटे का शव देखते ही फूट-फूटकर रो पड़े। छोटे भाई और दो बड़ी बहनों ने किसी तरह बुजुर्ग माता-पिता को संभाला। इसके बाद अतुल का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पिता दान करना चाहते थे बेटे की आंख
वीरेंद्र बेटे अतुल की आंख दान करना चाहते थे। पोस्टमार्टम के बाद जब उनका शव घर पहुंचा तो रिश्तेदारों ने बताया कि सिर व आंख के पास अतुल को गंभीर चोट लगी है। ऐसे में उनकी आंख दान नहीं की जा सकती है।
पर्यावरण प्रेमी थे अतुल, कॉलोनी में लगवाए थे कई पेड़
अतुल मिलनसार स्वभाव के थे। पूरे मोहल्ले में हर कोई उन्हें सम्मान देता था। मोहल्ले के निवासी मार्कंडेय ने बताया कि अतुल पर्यावरण प्रेमी थे। उन्होंने कॉलोनी में काफी पेड़ लगवाए थे। सुबह जब उनकी मौत की खबर मिली तो पल भर के लिए यकीन नहीं हुआ। उनकी अंतिम यात्रा में पूरा मोहल्ला उमड़ पड़ा।
स्कूटी सवार साइबर कैफे संचालक की मौत
लखनऊ के गुडंबा के सेक्टर-जी इलाके में शनिवार सुबह बदमाशों ने पीछा कर रहे साइबर कैफे संचालक अतुल कुमार जैन (42) की स्कूटी पर लात मार दी। इससे वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े डाले में जा घुसे। सिर पर चोट लगने से उनकी मौत हो गई।




