
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी
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प्रधानमंत्री के उपनाम को लेकर अभद्र और मानहानिकारक टिप्पणी करने के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ दायर परिवाद को ख़ारिज करने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली निगरानी याचिका की अगली सुनवाई14 मई को होगी।
इसके पहले निगरानीकर्ता दिलीप श्रीवास्तव की ओर से वकील राजेश श्रीवास्तव और प्रवीण सिंह ने कोर्ट में अपना वकालतनामा लगाया और ज़िला जज को एक अर्ज़ी देकर मामले को एमपी एमएलए की कोर्ट में स्थानांतरित किए जाने की मांग की है। बताया गया कि विपक्षी राहुल गांधी सांसद है तथा सांसद एवं विधायकों के मामलों को सुने जाने का अधिकार एमपी एमएलए कोर्ट को है लिहाजा इस मामले को एमपीएमएलए कोर्ट में स्थानांतरित किया जाए।
पत्रावली के अनुसार वादी दिलीप श्रीवास्तव ने विशेष एसीजेएम एमपीएमएलए की कोर्ट में राहुल गांधीके ख़िलाफ़ परिवाद दायर करके आरोप लगाया था कि 18 मार्च 2018 को एआईसीसी की मीटिंग में राहुल गांधी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री की तुलना ललित मोदी और नीरव मोदी से किया जो भ्रष्टाचार में मामले मे लिप्त थे। आरोप है कि राहुल गांधी ने यू ट्यूब के ज़रिए समाज में प्रधानमंत्री के उपनाम मोदी को लेकर मानहानि कारक टिप्पणी की है ।सुनवाई के बाद कोर्ट ने इस परिवाद को खारिज कर दिया था ।निचली कोर्ट के इसी आदेश को निगरानी याचिका के ज़रिए चुनौती दी गई है।
