
NEET UG एग्जाम।
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देश के मेडिकल कालेजों में दाखिले के लिए हुई राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) यूजी- 2024 में धांधली की शिकायत मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सख्त टिप्पणी की कि यह अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा मामला है, जिसे हम गंभीरता से लेंगे। कोर्ट ने इस मौखिक टिप्पणी के साथ केंद्र और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए ) से जवाब मांगा है। कोर्ट ने एनटीए के वकील को मामले में पूरी जानकारी लेकर 18 जून को पेश करने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की ग्रीष्मावकाश कालीन एकल पीठ ने बुधवार को यह आदेश स्थानीय अभ्यर्थी आयुषी पटेल की याचिका पर दिया। याची का कहना था कि उसकी उत्तर पुस्तिका फटी हालत में मिली है, जिससे उसका रिजल्ट प्रभावित हुआ और मानसिक आघात लगा। याची ने मामले में कथित धांधली को लेकर एनटीए के खिलाफ जांच कराने के निर्देश केंद्र सरकार को जारी करने का आग्रह किया है। साथ ही नीट 2024 की काउंसिलिंग प्रक्रिया को अंतिम रूप न दिए जाने की गुजारिश भी की है। सुनवाई के समय केंद्र और एनटीए के अधिवक्ता पेश हुए। एनटीए के के वकील के पास मामले की पूरी जानकारी (निर्देश) न होने पर कोर्ट ने उन्हें एनटीए से पूरे निर्देश लेकर 18 जून को पेश करने को कहा है।
केंद्र की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एसबी पांडेय सहयोगी वकील वरुण पांडेय के साथ पेश हुए। पांडेय ने कहा कि नीट 2024 की परीक्षा में कोई धांधली नहीं हुई है। कहा याची की जो उत्तर पुस्तिका फटी मिलने की बात कही जा रही है, वास्तव में वह न तो असली है और न ही फटी है। यह उत्तर पुस्तिका किसी निजी आईडी से याची को भेजी गई है, न कि एनटीए की आईडी से पांडेय ने बताया कि कोर्ट ने मामले की शुरुआती सुनवाई के बाद केंद्र और एनटीए को पक्ष पेश करने का आदेश देकर अगली सुनवाई 18 जून को नियत की है।
