आरोपों की नहीं हुई पुष्टि
हत्याकांड के बाद वीडियो बनाकर अरशद ने सोशल मीडिया पर शेयर किया था। इसमें अपने घर के सामने रहने वाले अलीम खान, पड़ोसी आफताब समेत अन्य बस्ती वालों पर आरोप लगाए थे। धर्म परिवर्तन कर हिंदू धर्म अपनाने की बात कही थी। मगर, पुलिस की अब तक की जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
पड़ोसी ने किया विवाद से इंकार
लखनऊ पुलिस 3 जनवरी को आगरा आई थी। 5 जनवरी को पड़ोसी आफताब, अलीम खान, खंदौली के रहने वाले बदर के मित्र पूरन सिंह और उनके बेटे जितेंद्र को साथ लेकर गई थी। अलीम और आफताब से विवाद की जानकारी ली गई। सूत्रों ने बताया कि अलीम ने यही कहा कि बदर की आधी जमीन रुपये देकर खरीदी है। किसी तरह का विवाद नहीं था। खरीद से संबंधी कागजात भी दिखाए। पड़ोसी ने भी किसी तरह के विवाद से इंकार किया।
दो दिन हुआ था मामूली विवाद
आफताब ने यही बताया कि 16 और 18 दिसंबर को मामूली कहासुनी हुई थी। वहीं जितेंद्र और पूरन से अलग-अलग बात की गई। उनसे बदर की पत्नी और बेटियों के बारे में पूछा गया। आखिरी बार जितेंद्र ही उनके साथ में था। इसलिए उनसे पूछा गया कि उसने उन्हें कहां पर छोड़ा था। उन्होंने पुलिस को कई जानकारी दी हैं। सोमवार देर रात अलीम, आफताब, पूरन और उनके बेटे जितेंद्र को छोड़ दिया गया। उनके घर आने पर परिजन ने भी राहत की सांस ली।
पिता की मदद से बेटे ने चार बहनों और मां को मार डाला
यूपी की राजधानी लखनऊ के नाका स्थित होटल शरणजीत में 31 दिसंबर की देर रात आगरा के इस्लाम नगर, तेहड़ी बगिया, कुबेरपुर निवासी अरशद ने पिता बदर के साथ मिलकर चार बहनों और मां की हत्या कर दी। सभी अजमेर से लखनऊ आए थे और सोमवार को होटल में कमरा लेकर ठहरे थे। हत्या से पहले आरोपी पिता-पुत्र ने सभी को शराब पिलाई। अरशद ने इस दौरान वीडियो भी बनाया। पुलिस ने अरशद को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बदर की तलाश जारी है।





