लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण के तहत सात भूमिगत मेट्रो स्टेशनों के निर्माण के लिए टेंडर होली के बाद किए जा सकते हैं। इसके लिए अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इससे एक साथ तीन काम शुरू हो सकेंगे। बसंतकुंज मेट्रो डिपो के साथ एलिवेटेड व भूमिगत स्टेशनों का निर्माण गति पकड़ेगा। अप्रैल से निर्माण कार्य नजर आने की उम्मीद जताई जा रही है।
गत दिवस केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) से 2884 करोड़ रुपये लोन की अनुमति मिल गई है। चारबाग से बसंतकुंज के बीच लखनऊ मेट्रो के 12 किलोमीटर लंबे दूसरे कॉरिडोर के निर्माण होना है। इसमें कुल 12 स्टेशन (7 भूमिगत और 5 एलिवेटेड) बनने हैं। प्रत्येक भूमिगत स्टेशन पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। पूरे प्रोजेक्ट को 5 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है।
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ये सात भूमिगत स्टेशन गौतमबुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा, चौक और नवाजगंज हैं। वहीं, 5 एलिवेटेड स्टेशन ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और बसंतकुंज बनेंगे।इनके टेंडर अंतिम चरण में हैं, 15 दिन में फाइनल होंगे। भूमिगत स्टेशनों के निर्माण के लिए भारी-भरकम टनल बोरिंग मशीनों का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की एक विशेष टीम गठित की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल से धरातल पर निर्माण कार्य नजर आने लगेगा।
