सड़क निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास की रैंकिंग सबसे खराब
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की प्रगति की समीक्षा में खुलासा, सुधार के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से होने वाली विकास योजनाओं व कार्यक्रमों की समीक्षा में जिले की रैंकिंग सुधरने का नाम नहीं ले रही है। पिछले अक्तूबर माह में खराब प्रगति के बाद अब जारी नवंबर माह की रैंकिंग में जिले की स्थिति और खराब हो गई है। योजनाओं और कार्यक्रमों को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारी लापरवाह रवैया अपनाए हैं। इससे योजनाओं की प्रगति ध्वस्त हो रही है। रैंकिंग जारी होने के बाद डीएम ने संबंधित विभागों को अल्टीमेटम देते हुए प्रगति में शत प्रतिशत सुधार लाने के आदेश दिए हैं।
इस माह शासन से जारी रैंकिंग में ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति में 38 व शहर में बिजली आपूर्ति में 68वीं रैक मिली है। कृषि रक्षा रसायन में डीबीटी में 52, 108 एंबुलेंस 26वीं रैंक, दवाओं कर उपलब्धता की निगरानी में 49वीं, बायो मेडिकल उपकरण रखरखाव कार्यक्रम में 65वीं, जल जीवन मिशन में 50वीं, गोवंश संरक्षण में 51वीं, पशु टीकरकरण में 50वीं, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में 71वीं, जिला सहकारी बैंक अल्पकालीन ऋण वितरण एवं वसूली 53वीं और सिल्ट सफाई में जिले की 30वीं रैंक है।
पिछले दो माह में सबसे खराब प्रगति वाले विभाग
कार्यों का नाम अक्तूबर में रैंक नवंबर में रैंक
नई सडक़ निर्माण 72 74
5वां वित्त आयोग 70 70
सेतु निर्माण 48 56
सडक़ अनुरक्षण 69 54
भवन निर्माण 66 73
15वें वित्त आयोग 57 63
व्यक्तिगत शौचालय निर्माण 44 48
स्वच्छ भारत मिशन फेल-2 38 59
आपरेशन कायाकल्प 52 39
एमडीएम में बच्चों की उपस्थिति 44 69
पीएम आवास में 8वीं और सीएम में 5वीं रैंक
जिले के ग्रामीण क्षेत्र में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास बनवाने और उन्हें पूर्ण करवाने में जिले की रैंकिंग नवंबर माह में भी अच्छी रही। प्रधानमंत्री आवास योजना में जिले की 8वीं रैंक रही। अब तक 97.79 प्रतिशत आवास पूर्ण कराए गए। मुख्यमंत्री आवास योजना में भी 5वीं रैंक मिली हैं। जिले में 85 प्रतिशत पूर्ण हो गए हैं। इसके अलावा 102 एंबुलेंस, मरीजों की डायलिसिस, मोबाइल मेडिकल यूनिट, दिव्यांगजन सशक्तिकरण और वृद्धावस्था पेंशन योजना में जिले की पहली रैंक है।
पिछले माह आई रैंकिंग के बाद खराब प्रगति वाले विभागों के अधिकारियों को नोटिस जारी की गई थी। नई रैंकिंग आने के बाद लापरवाही अधिकारियों को नोटिस दी जाएगी। कई विभाग ऑनलाइन रिपोर्ट भी फीड नहीं कर पाए हैं। उसे भी पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। -हर्षिता माथुर, डीएम रायबरेली
