जगतपुर (रायबरेली)। क्षेत्र के टिकठा मुसल्लेपुर गांव के पास से निकले इसौर नाले का पुल एक साल से टूटा पड़ा है। इससे सात ग्राम पंचायतों के करीब 15 हजार ग्रामीणों को बाहर जाने-आने में काफी परेशानी होती है। इसके लिए उन्हें तीन किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
यह पुल टिकठा मुसल्लेपुर-गौरा लखनी मार्ग पर वर्षाें पहले बनाया गया था। यह सड़क जगतपुर-डलमऊ राजमार्ग को जोड़ती है। इससे क्षेत्र के हजारों लोग जगतपुर बाजार व दूसरे स्थानों तक जाते-आते हैं। टिकठा मुसल्लेपुर गांव के पास से गुजरे इसौर नाले पर बना पुल एक साल पहले टूट गया था।
इसके बाद टिकठा मुसल्लेपुर, सराय श्रीबक्स, गुरुगुजपुर, गौरालखनी, हरदीटीकर, बेलाटेकई और धर्मदासपुर ग्राम पंचायतों का आवागमन मुश्किल हो गया। पुल टूटा होने के कारण ग्रामीणों को तीन किलोमीटर घूमकर आना-जाना पड़ता है। टूटे पुल पर बिजली के एक खंभे को रखकर लोग पैदल निकलते हैं। ऐसे में हादस का खतरा बना है।
क्षेत्र के अमरेश सिंह, फूलचंद, रामाधार, रामसुमेर, अरविंद तिवारी, सूर्यपाल, बृजेश कुमार, दिनेश आदि का कहना है कि पुल का निर्माण कराने के लिए कई बार तहसील दिवस, समाधान दिवस के साथ सिंचाई विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई। इसके बाद निर्माण नहीं कराया जा रहा है। इससे क्षेत्र के करीब 15 हजार ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
पुल निर्माण का भेजा प्रस्ताव
पुल निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया। उसे मंजूरी मिलने पर पुल का निर्माण कराया जाएगा।
-राजेश सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
