रायबरेली। जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप थम नहीं रहा है। एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) और संदिग्ध बुखार के चपेट में आईं दो महिलाओं की उपचार के दौरान सोमवार को मौत हो गई। उधर, बुखार व डायरिया से पीड़ित तीन नवजात के साथ 23 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके साथ एलाइजा जांच में डेंगू के चार नए केस मिले हैं।
ऊंचाहार क्षेत्र के गुलालगंज निवासी धर्मेंद्र की पत्नी रेनू (32) कई दिन से बुखार से पीड़ित थी। तबीयत में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने रेनू को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार को इलाज के दौरान रेनू ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा भदोखर क्षेत्र के महताब की बेटी नसरीन (13) को गत दिनों बुखार के इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में नसरीन एईएस से पीड़ित मिली। इलाज के दौरान रविवार रात नसरीन ने दम तोड़ दिया।
जिला अस्पताल में सोमवार को भी बुखार पीड़ितों की भीड़ रही। बुखार पीड़ित रिया (3), आशुतोष (7), नंदनी (8), रानी (22), रामसजीवन (63), सावित्री (30), निशा (13), रमेश (45), अरुषि (4), अन्नू (30), गगन (20), ओम (3) को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।जमालपुर की चंद्रवती, बछरावां की सीमा व गढ़ीखास की गुड्डन के नवजात शिशु की बुखार से तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। बुखार के साथ डेंगू के केस भी लगातार बढ़ रहे है। सोमवार को एलाइजा जांच में डेंगू के चार नए केस मिले हैं।
इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को भर्ती करके इलाज कराया जा रहा है। मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण बुखार और डायरिया के मरीज बढ़ रहे हैं। अस्पताल में बेड के साथ ही दवा का पर्याप्त इंतजाम है। चिकित्सकों को बाजार की दवाएं न लिखने के लिए कहा गया है।
-डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस जिला अस्पताल
