सीतापुर। भारी बारिश व बैराजों से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी के चलते सरयू व शारदा नदियां एक बार फिर उफनाने लगी हैं। सरयू का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 70 सेमी बढ़कर 118.40 मीटर पर पहुंच गया। पानी खतरे के निशान से महज 60 सेमी. नीचे है। रेउसा इलाके में एक मकान व 10 बीघा जमीन कटकर सरयू में समा गई। उधर, मंगलवार को बैराजों से 2,30,787 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। इससे हालात बिगड़ने की आशंका में लोग सहमे हुए हैं।

रेउसा प्रतिनिधि के अनुसार सरयू में उफान से कटान शुरू हो गई। गौढ़ी के संदीप का मकान सोमवार की रात कटकर नदी में समा गया। वहीं, बजहा के कमलेश, राधेश्याम, उमेश की लगभग 10 बीघा जमीन नदी निगल गई है। रामपुर मथुरा प्रतिनिधि के अनुसार पिछले चार दिनों से हुई भारी बारिश के चलते सरयू के तटवर्ती गांवों के साथ तटबंध के बाहर बसे गांवो में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

प्रमुख सड़कों को छोड़कर लगभग सभी लिंक मार्गो पर पानी भरने से आवागमन बाधित है। इसी बीच मंगलवार को सरयू नदी के जलस्तर में 70 सेमी की वृद्धि होने से तटवर्ती गांव अखरी, सोतीपुरवा, बाबाकुटी, शंकरपुरवा, नयापुरवा, निरंजनपुरवा, कोठार, बैजू पुरवा, बक्सीपुरवा, तथा कनरखी समेत करीब 35 गांवों पर बाढ़ का खतरा का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीण शत्रोहन, रमेश, रामनरेश आदि ने बताया कि जिस तरह से रात में जलस्तर तेजी से बढ़ा है यदि इसी तरह वृद्धि होती रही तो पानी खतरे के निशान को पार कर सकता है। उधर, बलेसरपुरवा में वासुदेव, दयाराम तथा चंद्रशेखर के मकान लहरों के निशाने पर हैं। यदि अब कटान शुरू हुई तो ये घर भी नदी में समा सकते हैं। संभावित बाढ़ व कटान को लेकर गांजर वासियों की चिंता बढ़ गई है।

रखी जा रही निगाह

रतनगंज और गौढी बजहा के पास नदियां हल्का कटान जरूर कर रही हैं, पर हालात सामान्य हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लगातार निगाह रखी जा रही है।

– पीएल मौर्य, एसडीएम बिसवां

क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत शुरू

भारी बारिश में तटबंध की मिट्टी कटकर बहने से तटबंध के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा था। अमर उजाला में खबर छपने के बाद मंगलवार को सिंचाई विभाग ने क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत शुरू कर दी है। मंगलवार को रामपुर मथुरा इलाके में तटबंध में हो गए गड्ढों में बालू की बोरियां डालकर उन्हें पाटने का काम शुरू किया गया।

पानी खतरे के निशान से नीचे

सरयू नदी का जलस्तर बढ़ा है लेकिन पानी अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है। सभी क्षेत्रों के लेखपालों को पीड़ितों की सहायता के निर्देश दिए गए हैं। रास्तों की मरम्मत के लिए पीडब्लूडी व बीडीओ को निर्देशित किया गया है।

– शिखा शुक्ला, एसडीएम



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *