
रायबरेली में जैतूपुर के पास बना ट्रीटमेंट प्लांट। -संवाद
जलनिगम ने नगर पालिका अफसरों से डेढ़ एकड़ जमीन मुहैया कराने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। शहरवासियों को समस्या से राहत दिलाने के लिए अब दूसरा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित होगा। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का बजट मिला है। एसटीपी के जरिए गंदे पानी को शोधित किया जा सकेगा। ऐसा होने से शहर की गलियों और घरों के आसपास जलभराव और गंदे पानी के चलते नागरिकों को परेशान नहीं होने पड़ेगा।
दरअसल, शहर में अमृत योजना संचालित है। इसके तहत सीवर लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। गोरा बाजार के पास पहले ही एसटीपी स्थापित हो चुकी है। अब खाली सहाट और कहारों का अड्डा के पास सीवर के गंदे पानी को शोधित करने के लिए 15 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की हरी झंडी मिली है। साथ ही 150 किमी. सीवर लाइन भी बिछाई जानी है।
जलनिगम के अधिकारियों के मुताबिक एसटीपी बनाने के लिए डेढ़ एकड़ की जमीन की जरूरत है। नगर पालिका के अफसरों से जमीन मांगी गई है। अधिकारियों का मानना है कि नागरिकों के घरों और गलियों में गंदा पानी भरा रहता है। इससे लोगों को आने जाने में न सिर्फ दिक्कत होती है, बल्कि दुर्गंध से सांस लेना दुश्वार रहता है। इस प्लांट के स्थापित होने के बाद लोगों को इस समस्या से राहत मिलेगी।
जमीन मिलते ही शुरू होगा काम : एक्सईएन
जलनिगम के एक्सईएन देवेंद्र कुमार ने बताया कि शहर में अमृत योजना के तहत सीवर लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। गोरा बाजार के पास पहले ही एसटीपी बनकर तैयार हो गई है, जिसमें गंदा पानी शोधित करने का कार्य चल रहा है। शोधित पानी को एनटीपीसी ऊंचाहार में आपूर्ति करके बिजली बनाने के प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है। अब कहारों का अड्डा और खालीसहाट के बीच में दूसरा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित कराया जाना है। इसके लिए 200 करोड़ का बजट मिल गया है। जमीन मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
डामरीकरण व इंटरलाॅकिंग के लिए मिले तीन करोड़
नगर क्षेत्र में खस्ताहाल सड़काें के डामरीकरण और इंटरलाॅकिंग लगवाने के लिए शासन से नगर पालिका को तीन करोड़ तीन लाख रुपये का बजट मिला है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह ने बताया कि बजट मिल गया है। किन-किन सड़कों का डामरीकरण और कहां पर इंटरलाॅकिंग कार्य कराया जाना है, इसका प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। प्रस्ताव बनाकर जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा।
