रायबरेली। शहर व सलोन क्षेत्र के अलग-अलग मेडिकल स्टोर से कुछ माह पहले लिए कफ सिरप व दो दवाओं के नमूने जांच में फेल हो गए। तीनों नमूने अधोमानक मिलने पर संबंधित बैच की सिरप व दोनों दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ तीनों विक्रेताओं व दवाओं के निर्माताओं को नोटिस देकर औषधि विभाग ने जवाब मांगा है।
औषधि निरीक्षक शीवेंद्र प्रताप सिंह ने गत अगस्त माह में सलोन के धरई स्थित श्याम मेडिकल स्टोर से कफ सिरप कोडेक्स-डीएस का नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच में दवा अधोमानक मिली है। जांच रिपोर्ट मिलने पर संबंधित बैच नंबर की सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ मेडिकल स्टोर संचालक और दवा के निर्माता मार्टिन एंड ब्राउन साइसेंस सोलन हिमाचल प्रदेश को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
सलोन सीएचसी के पास स्थित नवीन मेडिकल स्टोर से लिया गया रोसुसिन टैबलेट का नमूना भी जांच में अधोमानक पाया गया है। इस दवा की बिक्री पर रोक लगाने के साथ औषधि निरीक्षक ने दुकानदार और निर्माता नावेकेम बायेटेक सोलन हिमाचल प्रदेश को नोटिस भेजा है।
गत जुलाई माह में पशुओं की एंटीबायोटेक दवा ऑक्सीटेक टैबलेट का नमूना शहर के रतापुर स्थित चौधरी मेडिकल स्टोर से भरा गया था। यह दवा भी जांच में अधोमानक मिलने पर दुकानदार व निर्माता रिक्शन रेमीडीज अहमदगढ़ पंजाब को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। इसके साथ संबंधित बैच की दवा की बिक्री भी रोक दी गई है।
औषधि निरीक्षक शीवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रयोगशाला की जांच में तीन दवाएं अधोमानक मिली हैं। संबंधित बैच नंबर की दवाओं की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई हैं। मेडिकल स्टोर संचालकों को संबंधित दवाएं कंपनी को वापस करने के आदेश दिए गए हैं। दवाओं के निर्माता व विक्रेताओं को नोटिस दिया गया है। इस संबंध में एसीजेएम कोर्ट में जल्द ही मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
