रायबरेली। नगर पालिका परिषद रायबरेली के खाते से सवा तीन करोड़ रुपये कम्प्यूटर सिस्टम को हैक करके दूसरे खातों में ट्रांसफर किए गए थे। यह खुलासा मामले की शुरुआती जांच में हुआ है। इस कारनामे के लिए नगर पालिका के एक पूर्व संविदा कर्मचारी को जिम्मेदार माना जा रहा है।
इस बारे में केस के विवेचक ने अधिशासी अधिकारी और लेखाकार से जानकारी जुटाने के साथ दस्तावेज तलब किए हैं। मालूम हो कि नगर पालिका के बैंक खाते से 25 अक्तूबर को तीन करोड़ 25 लाख 22 हजार 713 रुपये दूसरे खातों में भेजे जाने के संबंध में दो दिन पहले अधिशासी अधिकारी (ईओ) स्वर्ण सिंह ने सदर कोतवाली में केस दर्ज कराया था।
नगर पालिका का खाता आईसीआईसीआई बैंक मुख्य शाखा रायबरेली में है। इस खाते से अलग-अलग फर्मों के दो खातों में तीन बार में उक्त धनराशि भेजी गई। उन खातों से 15 लाख रुपये निकाले भी लिए गए। इस बीच जालसाजी की जानकारी होने पर दोनों खातों से लेनदेन बंद करा दिया गया।
इस केस की जांच कर रहे अपराध निरीक्षक संतोष कुमार सिंह के मुताबिक जालसाजी के संबंध में शुक्रवार को नगर पालिका के ईओ व लेखाकार गिरीश बहादुर सिंह से जानकारी जुटाई गई। दस्तावेजों की जांच में नगर पालिका के कम्प्यूटर सिस्टम को हैैक करके पैसा निकाले जाने की बात सामने आई है।
इस मामले में नगर पालिका के एक पूर्व संविदा कर्मचारी का नाम सामने आ रहा है। उसने ही कंप्यूटर हैक करके पैसे दूसरे खातों में भेजे। विवेचक का कहना है कि जालसाजी के बारे में आईसीआईसीआई बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों से अन्य जानकारी जुटाई जाएगी।
पांच लाख रुपये खाते में आए वापस
छानबीन के दौरान यह खुलासा भी हुआ कि नगर पालिका के खाते से निकाले गए रुपयों में पांच लाख वापस भी कर दिए गए हैं। पैसा कहां से पालिका के खाते में ट्रांसफर किया गया, इसकी जानकारी नहीं हो पाई है। इस संबंध में विवेचक और नगर पालिका के अधिकारी कुछ बता नहीं पा रहे हैं। ईओ का कहना है कि इस प्रकरण की विभागीय जांच कराई जा रही है।
