ऊंचाहार। तहसील क्षेत्र में पीसीएफ के नौ गेहूं क्रय केंद्र खोले गए थे। साधन सहकारी समिति लिमिटेड रामसांडा, किसुनदासपुर, खुर्रमपुर, ऊंचाहार, सरांय अख्तियार, रोहनिया आदि केंद्रों पर अंतिम दिन सन्नाटा पसरा रहा। सभी केंद्रों पर महज 302.50 क्विंटल खरीद हो सकी। सरांय अख्तियार केंद्र के प्रभारी विद्याशंकर तिवारी ने बताया कि खरीद बंद हो गई है। अंतिम दिन कोई किसान गेहूं बेचने नहीं आया। पुरवारा गांव के किसान सुशील मौर्या, जमुनापुर के किसान शिवकमल का कहना है कि बाजार में गेहूं का रेट इस बार अच्छा था। ऐसे में किसान केंद्रों पर जाकर गेहूं की बिक्री करना उचित नहीं समझा।

खीरों। ब्लॉक क्षेत्र के क्रय केंद्रों पर अंतिम दिन बोहनी नहीं हो सकी। खीरों, पाहो में खुले क्रय केंद्रों पर केंद्र प्रभारी दिनभर बैठे रहे। जब कोई किसान नहीं आया तो शाम पांच बजे के बाद केंद्र बंद करके घर चले गए। किसान राम निवास, राकेश कुमार ने शासन द्वारा निर्धारित गेंहू के कीमत से बिचौलिया अधिक दाम में खरीद रहे थे। बिचौलियों को गेहूं बेचने में तत्काल रुपये मिलने के साथ ही केंद्र तक गेंहू पहुंचाने व वहां होने वाली कटौती के साथ ही पल्लेदारी आदि की बचत हो रही थी। इससे किसानों ने तौल केंद्र की जगह बिचौलियों को गेहूं बेच दिया।

बछरावां। ब्लाक क्षेत्र के गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद के अंतिम दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। गेहूं क्रय केंद्र कलुईखेड़ा में आठ हजार क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था। सिर्फ एक किसान सुबंश खेड़ा मजरे पस्तौर निवासी कंजेश्वर का 10 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। केंंद्र प्रभारी वासुदेव यादव ने बताया कि खुले बाजार में गेहूं की कीमत अच्छी थी। इसलिए किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर नहीं पहुंचे।

रायबरेली। इन तीन सीन बताने के लिए काफी हैं कि इस बार गेहूं खरीद व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी। किसानों का रुझान क्रय केंद्रों की तरफ नहीं रहा और वह बाजार में गेहूं की बिक्री की। दरअसल, जिले में इस बार गेहूं खरीद के लिए 111 क्रय केंद्र खोले गए थे। 82 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष महज 960.30 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सका। गेहूं खरीद का रेट 2125 रुपये प्रति क्विंटल था, जबकि बाजार में 2200 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा गया। सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा पसरने की यह मुख्य वजह रही।

जिले में इस बार 351 किसानों का गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीदा गया। इसके सापेक्ष 334 किसानों का 19 करोड़ 66 लाख का भुगतान किसानों को कर दिया गया है। शेष किसानों का भुगतान कराने की प्रक्रिया चल रही है।



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