ऊंचाहार (रायबरेली)। क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण में कई इमारतें रोड़ा अटका रही हैं। इसके चलते पांच गांव क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे का निर्माण बंद पड़ा है। अब निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि को खाली कराने के निर्देश तहसील प्रशासन को दिए गए हैं।
मेरठ से प्रयागराज तक बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण ऊंचाहार क्षेत्र में करीब एक साल से रूका है। निर्माण के प्रस्तावित भूमि पर इमारतें खड़ी होने के चलते कार्य नहीं हो पा रहा है। मालूम हो कि एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि का अधिग्रहण काफी पहले हो गया था लेकिन उसे खाली नहीं कराया जा सका।
क्षेत्र के गोकुलपुर रोझइया गांव की भूमि के गाट संख्या 10 पर आलोक, विपिन, अतुल, मंजू, शिवसागर, राज किशोर, लालू प्रसाद, भगवंती, गाटा संख्या 12 पर सोमनाथ, जयप्रकाश, वीरेंद्र, लवकुश व सुरेंद्र के मकान व दुकानें खड़ी हैं। गाटा संख्या 37 पर लल्लन प्रसाधन बना है। टांघन गांव में गाटा संख्या 62 क में बाबूलाल और 653 क में गरीबदास का मकान बना है। चिचौली, इटौरा बुजुर्ग व रसूलपुर गांव में मंदिर भी गंगा एक्सप्रेस-वे की जद में आ रहे हैं।
इमारतों और दुकानों को हटाए नहीं जाने से एक्सप्रेस-वे का निर्माण रुका है। मंदिरों को दूसरी जगह स्थापित भी नहीं कराया गया है। इस पर निर्माण संस्था ने निर्माण के लिए भूमि को खाली कराने का प्रशासन से अनुरोध किया। इसके बाद एडीएम प्रशासन प्रफुल्ल त्रिपाठी ने एसडीएम सिद्धार्थ चौधरी को अधिग्रहीत भूमि से मकानों व दुकानों को तत्काल हटवाने का निर्देश दिया है। एसडीएम ने बताया कि तहसीलदार को कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। जल्द ही सभी अवरोध हटाए जाएंगे।
