सरेनी (रायबरेली)। क्षेत्र के मल्केगांव में एक मकान में पटाखा बनाते समय शुक्रवार सुबह विस्फोट हो गया। इसकी चपेट में आने से चार बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। आसपास के लोग डरे गए। मौके पर पहुंचे लोगों ने झुलसे बच्चों को सीएचसी पहुंचाया।
बच्चों की हालत नाजुक देख चिकित्सक ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। सूचना पर स्थानीय पुलिस के साथ अधिकारियों ने गांव पहुंच जांच की है। यह धमाका मल्केगांव निवासी शैलू उर्फ नसरीन बानो के मकान में हुआ।
छानबीन में बता चला कि कलाम मोहम्मद की पत्नी शैलू अपने घर में दीपावली के लिए कई दिन से पटाखे बना रही थी। उसने पास के ही बच्चों को रुपयों का लालच देकर पटाखा बनवाने के लिए बुलाया था। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे पटाखा बनाते समय अचानक तेज धमाका हुआ।
इससे फैली आग की चपेट में आने से पटाखे दगने लगे। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग डर गए। मकान में पहुंचे तो वहां मौजूद गोविंद (10) पुत्र भैया लाल, सौरभ (12) पुत्र रमेश कुमार, मनीष कुमार (15) पुत्र सर्वेश कुमार और शीजा (8) पुत्री कमर मोहम्मद झुलसे मिले।
यह मंजर देख ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस की मदद से झुलसे बच्चों को सीएचसी पहुंचाया गया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमर पटेल ने बताया कि चारों बच्चे गंभीर रूप से झुलसे है। उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
बिना लाइसेंस बनाए जा रहे थे पटाखे
मल्केगांव में शैलू उर्फ नसरीन बानो काफी दिनों से पटाखा बना रही थी। उसके पास कुछ समय पहले पटाखे बनाने का लाइसेंस था। उसने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया था। इसके बावजूद पटाखे बनाए जा रहे थे। लालगंज के अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार गिरी ने बताया कि पटाखा बनाने के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया गया था। इसके बावजूद पटाखे बनाए जा रहे थे।
