एसटीएफ लखनऊ और बछरावां पुलिस की संयुक्त टीम ने कन्नावां गांव के पास से पकड़ाउड़ीसा से सस्ते दर पर खरीदकर प्रदेश के जिलों में करते थे बिक्री, ऑटो को कब्जे में लिया
संवाद न्यूज एजेंसी
बछरावां (रायबरेली)। एसटीएफ लखनऊ और बछरावां पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को भोर चार गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया। इन चारों के पास से 56 लाख कीमत का 56 किलो गांजा बरामद हुआ है। पुलिस ने गांजा तस्करी में प्रयुक्त किए जाने वाले ऑटो को कब्जे में लिया है। पुलिस की मानें तो उड़ीसा से सस्ते दर में गांजा खरीदकर तस्कर उत्तर प्रदेश के जिलों में महंगे दामों में गांजा की तस्करी करते थे।
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि भोर करीब छह बजे सूचना मिली थी कि बछरावां क्षेत्र से होकर गांजा की तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर एसटीएफ लखनऊ के उपनिरीक्षक पवन कुमार, कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार राय की टीम बछरावां क्षेत्र के कन्नावां गांव स्थित ढाबा के पास से ऑटो सवार चार लोगों को हिरासत में लिया। पूछने पर चारों आरोपियों ने गांजा तस्करी करने की बात स्वीकार की। सीओ महराजगंज यादुवेंद्र बहादुर पाल ने बताया कि मेरठ जिले के सकोती टांडा निवासी अंकित कुमार पुत्र प्रदीप सिंह, मोहित कुमार पुत्र रमेशचंद्र, मुजफ्फर नगर जिले के बुढ़ाना तहसील क्षेत्र के उद्यपुर निवासी अक्षय पुत्र धर्मेद्र, बिजनौर जिले के धामपुर तहसील क्षेत्र के बल्ला शेरपुर निवासी उमर हयात को पकड़ा गया है। इन चारों की निशानदेही पर 56 किलो गांजा बरामद किया गया है, जिसकी कीमत करीब 56 लाख है। ऑटो संख्या ओडीआईबी 9076 कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया है।
सीओ ने बताया कि पूछताछ में तस्करों ने बताया कि हम लोग यह गांजा उड़ीसा राज्य के झारसूगड़ा से कम दामों में खरीदकर उत्तर प्रदेश राज्य में लाकर बेचते थे, जिससे हमें काफी मुनाफा होता है। ऑटो का प्रयोग इसलिए करते थे, ताकि किसी को हम लोगों पर गांजा तस्करी करने का शक न होने पाए। उड़़ीसा से गांजा लेकर आ रहे थे, तभी पकड़ गए। पूछताछ के बाद आरोपियों को तस्करों को जेल भेज दिया गया है।
चार हजार का गांजा 10 हजार में बेचते थे
सीओ के मुताबिक पकड़े गए तस्कर उड़ीसा में एक किलो गांजा चार हजार रुपये में खरीदते थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक किलो गांजा 10 हजार रुपये की दर से बिक्री करते थे। चारों तस्कर काफी समय से गांजा तस्करी का काम करते थे। पकड़े गए आरोपियों के अलावा गांजा तस्करी में अन्य कितने लोग शामिल हैं, इस बारे में भी पता लगाया जा रहा है।
