रायबरेली। जगतपुर क्षेत्र की सभी नहरों, माइनरों में धूल उड़ रही है। कई महीने से नहरों में पानी न आने के कारण धान की नर्सरी सूखने लगी हैं। बारिश भी नहीं हो रही है। किसान किसान तरह ट्यूबवेल के सहारे नर्सरी को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। नहरों के साथ ही तालाब भी सूखने शुरू हो गए हैं। किसान धान की रोपाई को लेकर चिन्तित हो रहे हैं। बारिश व नहर में पानी न आने से बड़ी समस्या सामने हैं।

शारदा पोषक नहर से निकली जगतपुर रजबहा से राही ब्लॉक क्षेत्र तक के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचता है। इस नहर में पिछले दो महीने से पानी नहीं छोड़ा गया है। पटरी की सिल्ट को गंगा एक्सप्रेसवे में भेजने के कारण नहर में पानी नहीं छोड़ा गया। रजबहे से जुड़े किसानों के सामने धान की नर्सरी बचाने का संकट है। शंकरपुर माइनर में भी धूल उड़ रही है। किसान नहर में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा जोगमगदीपुर, भीख माइनर सहित अन्य नहरों व अल्पिकाओं में पानी नहीं आने से धूल उड़ रही है। जून माह में बारिश भी नहीं हो रही है। ऊपर से नहरें सूखी हैं। ऐसे में धान की रोपाई को लेकर किसान चिन्तित हो रहे हैं।

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गंग नहर चल रही, लेकिन खेतों में नहीं पहुंच रहा पानी

डलमऊ पंप कैनाल से निकली गंग नहर भी किसानों के काम नहीं आ रही है। इस नहर में पानी तो पहले से ही छोड़ा गया है, लेकिन पानी कम होने के कारण किसानों के खेत ट्यूबवेल के भरोसे हैं। गंग नहर से जुड्े किसानों के सामने भी खेतों में पानी की व्यवस्था करके धान की रोपाई की समस्या है।

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भगवान भरोसे तैयार कर रहे धान की नर्सरी

जगतपुर क्षेत्र के किसान भगवान के भरोसे धान की नर्सरी तैयार कर रहे हैं। सिद्धौर निवासी किसान चंद्रकेश सिंह, सुधीर सिंह का कहना है कि ट्यूबवेल से धान की नर्सरी तैयार कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही नहर में पानी आएगा, जिसके बाद धान की रोपाई का काम शुरू कराएंगे। भीख, शंकरपुर उमरी, जमोड़ी, दौलतपुर आदि गांवों के किसान भी नहरों में पानी न आने से चिन्तित हैं।



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