लखनऊ। कैसरबाग से देहरादून जा रही एसी जनरथ बस की छत रविवार सुबह बारिश में टपकने लगी। भीगने से बचने के लिए महिला यात्री को छाता खोलना पड़ा, तो अन्य यात्रियों को गमछे या कंबल का सहारा लेना पड़ा। इसपर नाराज यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। कंडक्टर ने उन्हें समझा बुझाकर जैसे-तैसे शांत कराया। रोडवेज की लग्जरी बस की इस दुर्दशा का वीडियो वायरल हो गया।
चारबाग डिपो की एसी जनरथ बस- यूपी 32 एमएन 9336 शनिवार रात कैसरबाग से रवाना हुई। बस सुबह हरिद्वार पहुंची तो तेज बारिश शुरू हो गई। ज्यादातर यात्री अब भी नींद में थे। बस की छत टपकने से उनकी नींद में खलल पड़ी। सभी भीगने से बचने की जुगत में लग गए। पानी बस के केबिन से लेकर यात्रियों के सीटों पर आने लगा। भीगी सीटों से बैठना भी मुहाल हो गया। देखते ही देखते पूरी बस के अंदर फर्श पर पानी भर गया।
अफसर करवा रहे किरकिरी
रोडवेज बसों की दुर्दशा दूर होने का नाम नहीं ले रही है। साधारण बसों के साथ-साथ लग्जरी बसों की छतें टपक रही हैं। आए दिन वीडियो वायरल हो रहे हैं और अफसर किरकिरी करवा रहे हैं। छत टपकने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर रोडवेज मुख्यालय के अफसरों की जमकर फजीहत हुई।
कई बसों की छत टपकने की शिकायत हुई, पर हुआ कुछ नहीं
सूत्रों का कहना है कि चारबाग डिपो की एसी जनरथ बस की बदहाली के पीछे मेंटेनेंस कराने में लापरवाही है। बस संख्या- यूपी 32 एमएन 9336 से लेकर 9350 तक की बसों की छत से टपकने की शिकायतें परिचालक कर चुके हैं। इसके बावजूद समस्या को दूर नहीं की गई। सूत्रों का कहना है कि बस की छत में सिलिकॉन कम मात्रा में लगाए जाने की वजह से कोटिंग उखड़ने लगी और छत से पानी नीचे आने लगा।
मरम्मत कराई जाएगी
सेवा प्रबंधक, रोडवेज -विनोद कुमार का कहना है कि पिछले महीने बसों की छत की मरम्मत कराई गई थी। बस के लौटने पर मरम्मत कराकर रूट पर भेजी जाएगी।
