सीतापुर। संस्कृत की पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी है। जिले में पहला राजकीय संस्कृत महाविद्यालय मंजूर हो गया है। अब यहां पर हॉस्टल की भी सुविधा विद्यार्थियों को मिलेंगी। शासन ने स्कूल के साथ ही हॉस्टल भी मंजूरी दे दी है। नैमिषारण्य में जमीन चिन्हित कर ली गई है। अब बस बजट मिलने का इंतजार हो रहा है।

जिले में संस्कृत का राजकीय कोई इंटर कॉलेज नहीं है। जिले में अशासकीय कॉलेजों के सहारे संस्कृत की पढ़ाई करवाई जा रही है। इस पर शासन ने करीब दो माह पहले संस्कृत विद्यालय बनाने की मंजूरी दी थी। इसके लिए जिला प्रशासन से जमीन मांगी गई थी।

मिश्रिख तहसील प्रशासन ने नैमिषारण्य के ठाकुरनगर में 1.064 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की है। इस जमीन पर विद्यालय बनाया जाएगा। शासन ने इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। शासन से इस पर अंतिम रूप से मुहर लगा दी है।

वहीं अब यहां पर हॉस्टल का भी निर्माण कराया जाएगा। 100 विद्यार्थियों के ठहरने की हॉस्टल में सुविधा रहेगी। साथ ही हॉस्टल में पुस्तकालय, खेल का मैदान सहित अन्य सुविधाओं का भी लाभ विद्यार्थी उठा सकेंगे। मंजूरी के बाद अब बजट मिलने का इंतजार हो रहा है। उसके बाद निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। एक साल में भवन बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।

13 है संस्कृत कॉलेज

जिले में इस समय आठ माध्यमिक इंटर कॉलेज संचालित हो रहे है। इनके जरिए 12वीं तक की पढ़ाई कराई जा रही है। इसके अलावा पांच डिग्री कॉलेज संचालित है। जहां पर स्नातक व परास्नातक तक की पढ़ाई हो रही है।

बजट के बाद होगी कार्रवाई

स्कूल तो पहले ही मंजूर हो चुका है। अब हॉस्टल की भी मंजूरी हो गई है। अभी कोई बजट नहीं आया है। बजट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राजेंद्र सिंह, डीआईओएस



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *