
जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती बुखार व अन्य बीमारी से पीडि़त मरीज। -संवाद
ओपीडी में हृदय रोगियों की संख्या बढ़ी, गंभीर मरीज हो रहे लखनऊ रेफर
जिला अस्पताल में बुखार से दुधमुंहे की भी मौत, वायरल के 13 मरीज भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। जिले में ठंड की दस्तक ने दिल के रोगियों की समस्या और बढ़ा दी है। हृदय में दिक्कत होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए दो मरीजों ने बुधवार को दम तोड़ दिया। बुखार से ग्रसित दो माह के मासूम की भी मौत हो गई। ओपीडी में हृदय रोगियों की संख्या बढ़ गई है। पर्याप्त जांच और इलाज के बंदोबस्त न होने से गंभीर मरीजों को लखनऊ या एम्स रेफर किया जा रहा है।
अमूमन ठंड का ज्यादा असर दिल और सांस के रोगियों पर पड़ता है। ठंड की शुरूआत होते ही हृदय के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। खीरों क्षेत्र के कोड़रा निवासी तुलसा (65) पत्नी सुखलाल को हार्ट अटैक के बाद गत मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा सतांव निवासी बिंदादीन (55) पुत्र बाबादीन को भी हृदय में समस्या होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।
शहर के खिन्नी तल्ला निवासी अरहास के दो माह के बच्चे को भी बुखार के चपेट में आने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मासूम की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। हार्ट अटैक के बाद फिरोज गांधी कॉलोनी निवासी जगजीत सिंह व थुलेंडी निवासी शोभनाथ को भर्ती कराया गया है। इसके अलावा बुखार के भी 12 मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया है। उधर, जिला अस्पताल में हार्ट मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त बंदोबस्त नहीं हैं। ऐसी स्थिति में ओपीडी में आने वाले मरीजों को ईजीसी जांच के बाद रेफर कर दिया जाता है।
सर्दी से बचें, आदत में लाएं सुधार : डॉ. सलीम
जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सलीम का कहना है कि सीने में दर्द, बेचैनी, पसीना आना, जबड़े, गर्दन बाजू व कंधे में दर्द, सांस का टूटना आदि हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण हैं। ठंड के मौसम में नसें सिकुड़ती हैं और सख्त हो जाती हैं। ठंड में ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल नीचे आने से हार्ट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, ऐसे में दबाव बढऩे से हार्ट अटैक आ सकता है। ठंड से बचना और अपनी आदतों में सुधार लाना जरूरी है। लक्षण प्रतीत हो तो चिकित्सीय सलाह तुरंत लेना जरूरी है।
बचाव के लिए करें यह काम
ठंड से बचाव के लिए कई परत में गर्म कपड़े पहनें।
नियमित रूप से धूप में बैठें और उचित व्यायाम करें।
टहलने का समय सर्दी के हिसाब से आगे बढ़ा दें।
सीने में दर्द होने पर चिकित्सीय सलाह जरूर लें।
मरीजों को सांस लेने की समस्या भी हो सकती है।
उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से हार्ट रोगियों को इलाज संबंधी बेहतर सुविधा दी जा रही है। ठंड शुरू होने के बाद हार्ट के रोगी बढ़े हैं। सामान्य इलाज वाले मरीजों को भर्ती कराया जाता है। गंभीर मरीजों को स्थिति को देखते हुए लखनऊ भेजा जाता है।डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस जिला अस्पताल
