रायबरेली। ठंड शुरू होने के साथ हृदय की बीमारी लोगों को परेशान करनी लगी है। कुछ ही दिन में रोगियों की संख्या तीन गुना तक बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 50 से अधिक दिल के मरीज इलाज के लिए पहुंचे। सीने में दर्द की शिकायत पर छह लोगों को चिकित्सकों ने भर्ती किया है।

जिला अस्पताल में दिल के मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों को रेफर किया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि ठंड का ज्यादा असर दिल पर पड़ता है। इस बार ठंड शुरू होने के साथ ही दिल के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।ओपीडी में प्रतिदिन 50 से 60 दिल के मरीज आ रहे हैं।

ठंड शुरू होने से पहले प्रतिदिन 15 से 20 मरीज ही इलाज कराने के लिए ओपीडी में पहुंचते थे। सोमवार को ओपीडी में 50 से अधिक हृदय रोगी इलाज कराने के लिए पहुंचे। इनमें ज्यादातर की ईसीजी जांच की गई है। सीने में दर्द की शिकायत पर चिकित्सकों ने विद्यावती (72), रमाकांती (43), गीता (30), उर्मिला (32), फुलझारा (82) और आशा (70) को भर्ती कर इलाज शुरू किया।

कोरोना की चपेट में आ चुके लोग बरतें विशेष सतर्कता

जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेष डॉ. सलीम का कहना है कि पूर्व में कोरोना के चपेट में आ चुके लोगों को सर्दी में दिल की बीमारी का ज्यादा खतरा है। अधिक सर्दी में दिल में खून पहुंचाने वाली नसें सिकुड़ने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। नसों में कोलेस्ट्राल जमने से मरीजों को सर्दी में सीने में दर्द और हार्ट अटैक के लक्षण भी उभर आते हैं। लक्षण प्रतीत होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।

गंभीर मरीजों को किया जाता रेफर

अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों से हृदय रोगियों को बेहतर इलाज की सुविधा दी जा रही हैं। गंभीर मरीजों को ही रेफर किया जाता है। ठंड में हृदय रोग का खतरा बढ़ गया है।

-डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस, जिला अस्पताल



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *