बिजली की लाइन के संपर्क में आ गया पीडब्ल्यूडी कर्मी
रात में जबरन काम कराने का आरोप, परिजनों का प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली-गदागंज। थाना क्षेत्र में मंगलवार रात डंपर से गिट्टी उतारते समय लोक निर्माण विभाग का संविदा कर्मचारी बिजली की लाइन की चपेट में आ गया। उसकी मौत हो गई। डंपर चालक बाल-बाल बच गया। नाराज परिजनों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर पीडब्ल्यूडी कार्यालय गेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मौत के लिए पीडब्ल्यूडी के जेई व प्लांट इंचार्ज को जिम्मेदार ठहराया। आरोप लगाया कि कर्मियों से रात में जबरन काम कराया जा रहा था। कर्मचारी की पत्नी ने दोनों के खिलाफ थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इन दिनों दीनशाहगौरा ब्लॉक क्षेत्र में मुरैठी संपर्क मार्ग का डामरीकरण चल रहा है। रात में भी कार्य कराया जा रहा है। सलोन कोतवाली क्षेत्र के बढइया दरसवां गांव निवासी संविदा पर तैनात चालक रमेश कुमार (52) मार्ग के डामरीकरण के दौरान मंगलवार रात डयूटी पर था। रमेश डंपर पर बैठा था जबकि दूसरा कर्मचारी शिवा पाल डंपर चला रहा था। गिट्टी गिराने के दौरान डंपर का एक हिस्सा ऊपर से निकली बिजली की लाइन से छू गया। रमेश करंट की चपेट में आकर झुलस गया। उसे सीएचसी पहुंचाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। शिवा पाल बाल-बाल बच गया। बुधवार सुबह परिजनाें ने शव रखकर लोक निर्माण विभाग के कार्यालय गेट पर प्रदर्शन किया। लोक निर्माण खंड प्रथम आनंद कुमार तिवारी ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया। वहीं, रमेश की पत्नी मीरा देवी ने गदागंज थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता राकेश भारती व प्लांट इंचार्ज की मनमानी के चलते यह घटना हुई है। ये लोग जबरन रात में गिट्टी डलवाते थे। ऐसा न करने पर नौकरी से निकालने की धमकी देते थे। थानेदार शरद कुमार ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई होगी। सीओ डलमऊ रामकिशोर सिंह ने बताया कि जांच कराई जा रही है। पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाया जाएगा।
वर्जन
घटना कैसे हुई और इसमें किसकी लापरवाही है, इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी मिलेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित परिवार की मदद की जाएगी।
पारितोष, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, मैकेनिकल डिवीजन, लखनऊ
