
रायबरेली में बुधवार को जिला अस्पताल की इंमरजेंसी में भर्ती मरीज। -संवाद
जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को बुखार के 700 मरीज पहुंचे
मरीजों को इलाज कराने के लिए घंटों लाइन में लगकर करना पड़ा इंतजार, बेड फुल
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। जिले में डेंगू और बुखार का कहर थम नहीं रहा है। लखनऊ के एक निजी अस्पताल में डेंगू की चपेट में आने के बाद भर्ती कराई गई महिला ने दम तोड़ दिया। वहीं, जिला अस्पताल में बुखार की चपेट में आने के बाद भर्ती हुई वृद्धा की भी मौत हो गई। बुधवार को जांच में डेंगू के दो नए मरीज मिले हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी बुखार से ग्रसित 700 से अधिक मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे। हालात ये हैं कि बुखार समेत अन्य संक्रामक रोगियों की संख्या के बढ़ने से चलते अस्पताल में बेड भर गए हैं। बड़ी मुश्किल में बेड मिल पा रहे हैं। ओपीडी में इलाज कराने में मरीजों को एक से दो घंटे लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा।
महराजगंज क्षेत्र के आनंद नगर की रहने वाले मधु (35) पत्नी अमोल को बुखार की चपेट में आने के बाद लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में महिला डेंगू संक्रमित मिली थी। इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। उधर, जायस की रहने वाली फूल कुमारी (60) को बुखार की चपेट में आने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला ने मंगलवार की देर शाम दम तोड़ दिया। जिले में अब तक डेंगू, बुखार व एईएस से मरने वालों की संख्या चार हो गई है।
बुधवार को जांच में अमावां क्षेत्र के आदमपुर निवासी सत्य प्रकाश (34) और हरचंदपुर क्षेत्र के मुबारकपुर निवासी दीपक (12) डेंगू संक्रमित मिले। जिले में 200 से अधिक लोगों की डेंगू की जांच की गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद मलेरिया निरीक्षक आतिफ खान की टीम ने गांवों में पहुंचकर दवा का छिड़काव किया। गांवों के करीब 48 लोगों के खून का नमूना जांच के लिए एकत्र किया। दवा का छिड़काव करने के साथ ही लोगों को मच्छरों से बचने की सलाह दी। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार के 700 से अधिक मरीजों ने पहुंचकर इलाज कराया। इमरजेंसी में भी 20 से अधिक बुखार से पीड़ित मरीज भर्ती होने के लिए पहुंचे।
अस्पतालों में बुखार के दवाओं की डिमांड दो गुना बढ़ी
संक्रामक रोगों के पांव पसारने के बाद जिले में बुखार से संबंधित दवाओं की डिमांड दो गुना तक बढ़ गई है। संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के मंगवाकर पैरासीटीमॉल की करीब 80 लाख टैबलेट मुख्य गोदाम में डंप करवा दी हैं। अन्य दवाओं के भी स्टाॅक उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। सीएमओ ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को डिमांड के हिसाब से पर्याप्त दवाएं सीएचसी पर उपलब्ध रखने के आदेश दिए हैं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के आदेश दिए गए हैं।
अस्पताल में दवाओं के पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं। चिकित्सकों को भी अलर्ट किया गया है। इमरजेंसी में गंभीर मरीज के आते ही संबंधित चिकित्सक को मरीज अटेंड करने के आदेश दिए गए हैं। संक्रमण बढ़ने के कारण मरीजों की संख्या भी काफी बढ़ गई है। -डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस, जिला अस्पताल
