संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ

Updated Sat, 03 Jun 2023 12:06 AM IST

रायबरेली। जिला महिला अस्पताल में तीन साल से बंद अल्ट्रासाउंड सेंटर का ताला खुल गया। नए रेडियोलॉजिस्ट ने एक-एक करके 80 महिलाओं की जांच की। सेंटर में स्टेबलाइजर काम नहीं कर रहा था। एसी भी नहीं चला। अन्य तमाम दिक्कतों का सामना पहले दिन जांच में करना पड़ा। जांच शुरू होने के बाद महिलाओं में खुशी देखने को मिली, क्योंकि अब तक बाजार से अल्ट्रासाउंड जांच कराने में महिलाओं को जेब ढीली करनी पड़ रही थी।

तीन साल पहले रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव दीक्षित का तबादला लखनऊ के लिए हो गया था। डॉक्टर के जाने के बाद सेंटर में ताला लटक गया था। सीएमएस डॉ. रेनू चौधरी ने सेंटर को संचालित कराने के लिए शासन को कई बार पत्र भेजा। शासन स्तर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत रेडियोलॉजिस्ट डॉ. वीके ओझा का चयन किया गया। डॉक्टर के जॉइन करने के बाद शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड जांच शुरू हो गई। यह सुविधा शुरू होने के बाद सुबह से ही अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ जमा हो गई। जांच कराने के लिए महिलाओं ने कई घंटे तक इंतजार भी किया।

अल्ट्रासाउंड कराने आई महिला स्वाति गुप्ता ने बताया कि तीन से यहां अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहा था। आज पता चला कि अल्ट्रासाउंड शुरू हो गया है तो बहुत खुशी हो रही है। अब हम लोगों को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आराधना ने कहा कि पहले निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र में जेब ढीली करनी पड़ती थी। तब अल्ट्रासाउंड होता था। अब हम सभी का अल्ट्रासाउंड आसानी से हो जाएगा और यह बहुत खुशी की बात है।



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