कोर्ट ने सात हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया

संवाद न्यूज एजेंसी

रायबरेली। कोर्ट ने मिल एरिया थाना क्षेत्र में करीब दस साल पहले हुए नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में दोषसिद्ध होने पर अभियुक्त को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने सात हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित पॉक्सो कोर्ट प्रथम के विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार सिंह ने सुनाया।

अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) लक्ष्मीशंकर श्रीवास्तव, वेदपाल सिंह, योगेशचंद्र मिश्रा व आलोक त्रिपाठी के मुताबिक मामले की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने थाना मिल एरिया में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार वादी की करीब 15 वर्षीया बेटी 7 अक्तूबर 2013 की शाम करीब सात बजे नित्य क्रिया के लिए गई थी। रात में वापस नहीं आई। तलाश करने पर सुबह बेहोशी की हालत में मिली। पीड़िता ने बताया कि रेहान उर्फ सोनू ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।

विवेचना के बाद पुलिस ने रेहान उर्फ सोनू के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को दोषी पाते हुए कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने अर्थदंड जमा होने पर आधी धनराशि पीड़िता को देने का भी निर्देश दिया है।



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