खौफ के चलते लोन नदी में कूदकर युवक के जान देने का मामला
पीड़ित परिवार मांग रहा इंसाफ, कुछ पुलिस कर्मियों को बचाने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
लालगंज (रायबरेली)। युवक की मौत के मामले में लालगंज कोतवाली में तैनात दो दरोगा और दो सिपाहियों पर गाज गिरी है। चारोें पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच चल रही है। पीड़ित परिवार का कहना है कि दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
लालगंज कोतवाली क्षेत्र के चकवापुर मजरे बेहटाकला गांव निवासी अमरेश सिंह उर्फ गुड्डू (38) रविवार शाम गांव में लोन नदी के किनारे मौजूद था। तभी जुआ खेलने की सूचना पर मौके पर पुलिस कर्मियों ने सभी को दौड़ा लिया। पुलिस के खौफ से अमरेश लोन नदी के किनारे स्थित पेड़ पर चढ़ गया था। एक पुलिस कर्मी पेड़ पर चढ़कर युवक को पकड़ने की कोशिश करने लगा तो युवक नदी में कूद गया था। पानी में डूबकर युवक की मौत हो गई थी। बेहटाकला गांव निवासी सुरेश प्रताप सिंह की तहरीर पर लालगंज कोतवाली में अज्ञात दरोगा व सिपाहियों पर हत्या का केस दर्ज कराया गया है। प्रकरण की जांच सीओ लालगंज कर रहे हैं। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने कोतवाली में तैनात दरोगा रमाकांत मिश्रा, पंचमलाल सोनकर, सिपाही गौरव कुमार व नितिन कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है। कहा जा रहा है कि लाइन हाजिर किए गए पुलिस कर्मी ही घटना के दौरान मौके पर मौजूद थे। गुड्डू की पत्नी विनीता का कहना है कि कुछ पुलिस कर्मियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इंसाफ नहीं मिला तो मुख्यमंत्री से इंसाफ की गुहार लगाएंगे।
…….तो क्या मुख्य जिम्मेदार दरोगा को बचा लिया गया
मुख्य रूप से जिम्मेदार एक दरोगा पर कार्रवाई न होने से पुलिस महकमे पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि कोतवाली में तैनात दरोगा के पास किसी ने फोन किया था कि लोन नदी के किनारे जुआ खेला जा रहा है। हल्का दरोगा ने खुद मौके पर न जाकर लाइन हाजिर किए गए पुलिस कर्मियों को भेज दिया था। उधर, लाइन हाजिर किए गए पुलिस कर्मियों का कहना है कि जुआं खेलने की सूचना पर गांव पहुंचे थे, लेकिन वहां किसी के न मिलने से वापस लौट आए। उन्हें खुद पता नहीं कि यह घटना कैसे हो गई।
वर्जन
युवक की मौत के मामले में घटनास्थल पर मौजूद दो दरोगा समेत चार पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
– आलोक प्रियदर्शी, पुलिस अधीक्षक
