स्वच्छ भारत मिशन में शासनादेश के विपरीत काम पर पांच सचिवों को नोटिस
2192 मीटर स्वीकृति पर 6675 मीटर नाली बनवाई, 4482 मीटर ज्यादा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सतांव ब्लॉक के पांच मॉडल गांवों में विकास कार्यों मेंं विकास कार्यों की प्रथम दृष्टया जांच में शासनादेश के विपरीत 62.76 लाख रुपये के गड़बड़झाले पुष्टि हुई है। बिना स्वीकृति लिए ही ग्राम पंचायतों ने 4,483 मीटर अधिक नाली का निर्माण करवा दिया। मॉडल गांवों के ग्राम विकास अधिकारियों ने 2,192 मीटर नाली बनवाने की स्वीकृति लेकर 6,675 मीटर नाली का निर्माण करवा दिया। जांच में मामला पकड़ में आने के बाद ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देकर तीन दिन में जवाब देने के आदेश दिए गए हैं। वसूली की भी चेतावनी दी गई है।
जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत मॉडल गांव बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक मॉडल गांव में मिशन के तहत अधिक से अधिक 800 मीटर नाली निर्माण का शासनादेश है। इसके विपरीत ग्राम पंचायतों ने मनमानी की हद पार कर दी। प्रथम दृष्टया जांच में सतांव ब्लॉक के अटौरा बुजुर्ग ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 115 मीटर यू टाइप नाली और 201 मीटर अंडर ग्राउंड नाली बनवाने का अनुमोदन लिया गया, लेकिन 900 मीटर यू टाइप नाली बनवा दी गई।
इसी तरत ग्राम पंचायत पोरई में 185 मीटर की स्वीकृति लेकर 450 मीटर नाली बनवाई गई। ग्राम पंचायत कोरिहर में एक हजार मीटर नाली निर्माण की स्वीकृति लेकर 2875 मीटर नाली बनवाई गई। ग्राम पंचायत सतांव में 616 मीटर की स्वीकृति के सापेक्ष 1700 मीटर नाली बनी। बरदर में 250 मीटर नाली निर्माण की स्वीकृति लेकर 750 मीटर नाली बनवाई गई। प्रथम दृष्टया जांच में गड़बड़झाला पकड़ में आया है। पंचायतों ने 2192 मीटर नाली बनवाने की स्वीकृति ली, लेकिन 6675 मीटर नाला की निर्माण करवा दिया।
जांच में मनमानी पकड़ में आने के बाद डीपीआरओ ने अटौरा बुजुर्ग के वीडीओ ओम प्रकाश, बरदर व सतांव के वीडीओ वीरेंद्र पाल यादव (वर्तमान में जगतपुर ब्लॉक में तैनात), सतांव के वीडीओ वीरेंद्र पाल यादव, कोरिहर व पोरई के वीडीओ सत्येंद्र सिंह को बुधवार को कारण बताओ नोटिस देकर तीन दिन में जवाब देने के आदेश दिए हैं। समय से जवाब न देने पर वसूली के साथ ही अन्य कार्रवाई की प्रक्रिया आरंभ करने की चेतावनी दी गई है।
स्वच्छ भारत मिशन के बजट से एक ग्राम पंचायत में अधिकतम 800 मीटर नाली बनवाने का प्रावधान है। इसके विपरीत सतांव के पांच गांवों में पंचायतों ने 2192 मीटर नाली की स्वीकृति लेकर 6675 मीटर नाली बनवाई गई। 4483 मीटर अधिक नाली बनवाकर धन के अपव्यय की आशंका है। सचिवों ने तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
-नवीन सिंह, डीपीआरओ
