लखनऊ। प्रॉपर्टी डीलरों ने नगर निगम विस्तारित क्षेत्र में आने वाले सरोजनीनगर तहसील क्षेत्र के अमौसी गांव में 26 बीघा सरकारी जमीन बेच डाली। इस जमीन की बाजार कीमत करीब 70 करोड़ रुपये बताई जा रही है। नगर निगम ने रविवार को बुलडोजर चलाकर यहां किए गए अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए। करीब छह घंटे चली कार्रवाई के दौरान कोई विरोध करने नहीं आया। चौंकाने वाली बात है कि नगर निगम यह नहीं पता कर सका कि उसकी जमीन को किसने और किसको बेचा।

नगर निगम प्रशासन का कहना है कि अमौसी गांव (रेलवे लाइन के पार) में अवैध कब्जे की शिकायत उन्हें करीब दो सप्ताह पहले मिली थी। जांच के बाद शिकायत सही पाई गई। उप नगर आयुक्त संगीता कुमारी, संपत्ति अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, कानूनगो सुरेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में रविवार सुबह 7 बजे ही कार्रवाई दस्ता मौके पर पहुंच गया। यहां 20 कमरे भी बने हुए पाए गए। करीब 100 प्लाॅटों पर नींवें भी भरी पाई गईं। इनमें से कुछ नींवें तो नई भरी हुई थीं। कब्जा हटाने के बाद नगर निगम यहां बोर्ड लगाएगा।

पास की 10 बीघा जमीन की चल रही जांच

संपत्ति अधिकारी ने बताया कि अमौसी गांव में जहां पर कब्जा हटाया गया है, उसके पास की करीब 10 बीघा जमीन की भी जांच की जा रही है। इसपर भी कब्जे की शिकायत है। जमीन नगर निगम की निकली तो वहां भी बुलडोजर चलाया जाएगा।

विस्तारित क्षेत्रों में अवैध कब्जों का मकड़जाल

-धावा गांव मेंं पिछले साल 13 जुलाई को करीब पांच करोड़ की जमीन मुक्त कराई गई थी।

-पुरसेनी गांव में पिछले साल 26 जुलाई को तीन करोड़ रुपये की जमीन से अवैध कब्जा हटाया गया था।

-मलाक गांव में पिछले साल 30 जुलाई को करीब छह करोड़ रुपये की जमीन से अवैध कब्जा हटाया गया था।

-भैंसोरा गांव में पिछले साल 7 सितंबर को करीब छह करोड़ रुपये की जमीन से अवैध कब्जा हटाया गया था।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *