32 fever patients admitted, all wards full

जिला अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सक को दिखाने के लिए उमड़े मरीज। -संवाद

जिला अस्पताल में ओपीडी में भी लगी लंबी लाइनें, गर्मी से बेहाल

210 लोगों की डेंगू की जांच में पांच संदिग्ध और दो नए केस मिले

2000 लोग पहुंचे ओपीडी में, 800 लोग बुखार से ग्रसित

संवाद न्यूज एजेंसी

रायबरेली। जिले में डेंगू और बुखार का कहर बढ़ता ही जा रहा है। शनिवार को जिला अस्पताल में बुखार की चपेट में आने के बाद 12 बच्चों समेत 32 मरीजों को भर्ती किया गया। पीडियाट्रिक आईसीयू के साथ ही सभी वार्ड फुल हो गए हैं। जिले में शनिवार को 210 लोगों की डेंगू की जांच की गई, जिसमें डेंगू के पांच संदिग्ध और दो कंफर्म मरीज मिले। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी सुबह से ही लंबी लाइनें लगी रहीं। दो हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचे। इसमें करीब 800 मरीज बुखार से ग्रसित रहे। जांच कराने के साथ ही चिकित्सीय सलाह व दवा लेने के लिए गर्मी में लोगों को पसीना बहाना पड़ा।

मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण संक्रामक रोगों का कहर थम नहीं रहा है। मलेरिया विभाग में मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए चेकिंग टीम भी बनाई गई है, लेकिन मलेरिया निरीक्षण सिर्फ सीएमओ दफ्तर तक सिमटकर रह गए हैं। इससे संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। डेंगू के संदिग्ध केस मिलने के बाद भी मलेरिया निरीक्षकों की टीम कई दिनों बाद मरीजों के घर पहुंच रही है। इस कारण संक्रमण थम नहीं रहा है। लालगंज और बछरावां क्षेत्र में एक-एक डेंगू का कंफर्म केस मिला है। इसके अलावा जांच में पांच संदिग्ध डेंगू के केस भी मिले हैं।

जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार को एक-एक करके 32 से अधिक बुखार के मरीज भर्ती होने के लिए पहुंचे। दिनेश (3), हिमांशु (2), सहाय (2), आयुष (9), अमन (13), अनन्या (9), प्रभांशी (13), प्राची (13), रंशू (9), अजय (13), सतीश (12), रिंकी (8), इंद्राणी (50), मीरा (45), रजऊ (60), सलीम (30), रामवती (30), रामपती (32), शीला (67), रामदुलारी (70), कलावती (63), हेमंत (45), राज बहादुर (60), मंजू (36), सुखदेई (60), मदनलाल (70), मोती लाल (45), राधेश्याम (65) समेत 32 से अधिक मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू कराया गया है। पीडियाट्रिक आईसीयू के फुल होने से बच्चों के इलाज में समस्या आ रही है।

सीएचसी-पीएचसी दवाओं का संकट, बाजार से खरीदते दवाएं

ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में संक्रामक रोगों के बढ़ने के बाद दवाओं का संकट बढ़ गया है। ज्यादातर मरीजों को बाजार से खरीदने के लिए दवाएं लिखी जा रही हैं। ऐसे में मरीजों की जेब ढीली हो रही है। उधर विभागीय अधिकारी सीएचसी पीएचसी में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन खुलेआम बाजार की दवाएं लिखने से बाज नहीं आ रहे हैं।

सीजन के कारण बुखार के मरीज बढ़े हैं। सभी वार्डों में इलाज के लिए पुख्ता प्रबंध हैं। अगल से बेडों की व्यवस्था की गई है। इमरजेंसी आने वाले मरीजों को तत्काल भर्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों के लिए दवा, जांच आदि के भी पर्याप्त बंदोबस्त हैं।

-डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस जिला अस्पताल



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