रायबरेली। जिले में बुखार और डेंगू का प्रकोप थम नहीं रहा है। बुखार के साथ प्लेटलेट्स कम होने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराई गई एक किशोरी ने इलाज के दौरान शुक्रवार को दम तोड़ दिया। इसके अलावा बुखार के 22 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दूसरी तरफ 11 लोग डेंगू संक्रमित पाए गए हैं। डेंगू पीड़ितों में छह बच्चे हैं।

शहर के अमरनगर निवासी मनमोहन द्विवेदी की बेटी पावनी (17) कई दिन से बुखार से पीड़ित थी। सेहत में सुधार न होने पर परिजनों ने पावनी को 26 अक्तूबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पावनी को बुखार के साथ ही प्लेटलेट्स भी काफी कम हो गई थी। इलाज के दौरान शुक्रवार को किशोरी की मौत हो गई।

जिला अस्पताल की ओपीडी के साथ इमरजेंसी में बुखार पीड़ितों की रोज लाइन लग रही है। शुक्रवार को इमरजेंसी में पहुंचे 22 बुखार पीड़ितों को भर्ती करके इलाज किया जा रहा है। बुखार के साथ डेंगू के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।

जिला अस्पताल की पैथोलॉजी की जांच में डेंगू के 11 नए मरीज मिले हैं। इनमें रोहित (2), अफसरा (9), सुमित (10), सांची (2), नंदिनी (8), अबी (6), ईशा (22), राजकुमार (19), रामखेलवन (45), पूजा सिंह (30) व शिखा (14) शामिल हैं। इसमें कई बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती करके इलाज किया जा रहा है।

इनसेट

सीएचसी को उपलब्ध कराए 2800 रैपिड टेस्ट कार्ड

डेंगू का प्रकोप बढ़ने पर रैपिड टेस्ट कार्ड की जरूरत बढ़ गई है। इसके लिए मलेरिया विभाग के पास बजट नहीं है। ऐसे में सीएमओ ने दूसरी मद से 2800 जांच किट मंगवाई हैं। बछरावां, महराजगंज, जगतपुर और डीह सीएचसी को डेंगू जांच कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। अन्य सीएचसी को भी कार्ड मंगवाकर संदिग्ध मरीजों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

वर्जन

डेंगू की जांच कराने के दिए निर्देश

डेंगू जांच के लिए कई सीएचसी को कार्ड भेजे गए हैं। अन्य सीएचसी अधीक्षक को भी कार्ड लेकर डेंगू की जांच नियमित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

-डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *