Fertilizer crisis deepens before Rabi sowing

रायबरेली में सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के भोजपुर स्थित साधन सहकारी समिति।  -संवाद

गेहूं, आलू के साथ चना, मटर की इसी माह से की जानी है बोआई

250 साधन सहकारी समितियों में खाद की कमी से कृषक मायूस

संवाद न्यूज एजेंसी

रायबरेली। जिले में रबी की फसल की बोआई के पहले खाद संकट खड़ा हो गया है। किसान खाद पाने के लिए साधन सहकारी समितियों मेंं पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लग रही है। यह हाल तब है, जब रबी सीजन के शुरुआती दौर में ही खाद की कमी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं कृषि विभाग खाद की उपलब्धता होने का दावा कर रहा है।

जिले में चार लाख 75 हजार कृषकों की संख्या है, जबकि 250 साधन सहकारी समितियां हैं। मौजूदा समय में गेहूं के अलावा आलू, चना, मटर की फसलों की बोआई होनी है। जिसके लिए किसानों को डीएपी खाद की जरूरत है। हकीकत ये है कि साधन सहकारी समितियों में खाद नहीं है। इससे किसानों को महंगे दामों में प्राइवेट दुकानदारों से खाद खरीदनी पड़ रही है। ऊंचाहार, राही, सतांव, सरेनी, डलमऊ, बछरावां, सलोन, महराजगंज, रोहनिया ब्लॉक क्षेत्रों की साधन सहकारी समितियों में खाद की कमी से कृषक मायूस हैं। कुछ किसान महंगे दाम में प्राइवेट दुकानदारों से खाद खरीदकर फसल की बोवाई करने की बात कह रहे हैं।

इनसेट

मायूस होकर लौट आया

छह बीघे खेती में गेहूं की फसल की बोआई करनी है। पांच दिन पहले साधन सहकारी समिति ऊंचाहार डीएपी लाने पहुंचा था, लेकिन खाद नहीं मिली। खाद मिलने पर ही अब फसल की बोआई करनी पड़ेगी। -बबलू मिश्रा, कृषक, ऊंचाहार

पिछड़ जाएगी फसल की बोआई

फसलों की बोआई के समय डीएपी की जरूरत पड़ती है। 10 बीघे में गेहूं की फसल की बोआई करनी है। साधन सहकारी समिति अरखा जाने पर खाद नहीं मिली और कहा गया कि जल्द खाद आएगी तो मिलेगी। खाद नहीं मिली तो फसल की बोआई पिछड़ जाएगी। -आनंद पांडेय, कृषक, ऊंचाहार

जरूरत के हिसाब से नहीं मिल पा रही खाद

साधन सहकारी समिति भोजपुर में डीएपी की कमी होने के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। जरूरत के हिसाब से डीएपी नहीं मिल पा रही है। इससे घरों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। हम लोगों की व्यथा सुनने वाला कोई नहीं है। -मुकेश, कृषक, भोजपुर

अफसर नहीं देते ध्यान

साधन सहकारी समिति में खाद न मिलने के कारण महंगे दाम में प्राइवेट दुकानों में जाकर डीएपी खरीदनी पड़ रही है। रबी के सीजन में ही खाद की कमी हो जाती है। बावजूद अफसर कृषकों की समस्या पर ध्यान नहीं देते हैं। -अतुल, कृषक, भोजपुर

आंकड़ों पर एक नजर

उर्वरक कुल लक्ष्य कुल उपलब्धता

यूरिया 55530 34830

डीएपी 29513 20800

एनपीके 4475 7939

एमओपी 1795 1080

एसएसपी 685 1126

नोट-आंकड़े मीट्रिक टन में हैं।

ये तय किए गए हैं खाद के इस बार रेट

कृषि विभाग के अफसरों के मुताबिक डीएपी 13.50 रुपये प्रति बोरी, यूरिया 2.67, एनपीके 1300 और पोटाश 1750 रुपये प्रति बोरी का रेट है। इसी रेट के हिसाब से किसानों को खाद मुहैया कराई जानी है।

किसानों को नहीं होगी समस्या

जिले में डीएपी समेत अन्य उर्वरक की कोई कमी नहीं है। खाद की उपलब्धता पहले से ही है। साधन सहकारी समितियों और प्राइवेट दुकानों पर खाद मुहैया कराई गई है। किसान नैैनो यूरिया और नैनो डीएपी का भी प्रयोग करें। इसका प्रयोग करने से भी फसल उत्पादन बेहतर होगा। यदि किसानों को किसी तरह की कोई समस्या आ रही है तो वह उनसे शिकायत दर्ज करा सकते हैं। -अखिलेश पांडेय, जिला कृषि अधिकारी



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