रायबरेली। शिवगढ़ ब्लॉक की 36 ग्राम पंचायतों में 253 लाभार्थियों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से डिलीट करने का मामला गरमा गया है। शासन के आदेश पर लखनऊ के 10 अधिकारियों समेत 22 अफसरों की टीम ने मंगलवार को 36 गांवों में पहुंचकर जांच की। एक-एक लाभार्थी के घर पहुंचकर पात्रता की जांच की गई। टीम में लखनऊ के डीडीओ, पीडी, उपायुक्त सहित 10 अधिकारियों की टीम बनाई गई। इसके अलावा जिले के 12 अफसर शामिल हैं।
शासन के आदेश पर मंगलवार को लखनऊ जिले के जिला विकास अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने रायपुर नेरुआ, नरायणपुर गांव पहुंचकर जांच की। इसके अलावा लखनऊ डीआरडीए के पीडी राजेश त्रिपाठी ने गोविंदपुर, भौंसी, उपायुक्त (श्रम रोजगार) सुखराज बंधु ने बहुदाखुर्द, सरोजनी नगर की बीडीओ नीती श्रीवास्तव सूरजपुर, बैंती, देलही, माल की बीडीओ प्रतिभा जायसवाल ने बंकागढ़, पिंडौली, मोहनलालगंज की बीडीओ पूजा सिंह ने जगदीशपुर,पड़रिया, गोसाईगंज के बीडीओ निशांत राय ने नरेथुआ, गुमांवा पहुंचकर जांच की। डीडीओ रायबरेली अरुण कुमार ने कुंंभी, पीडी डीआरडीए राजेश मिश्रा ने गोड़ा सहित अन्य अधिकारियों की टीम ने 36 गांवों में 352 आवासों की जांच की। एक-एक लाभार्थी की पात्रता की जांच की गई। पीडी डीआरडीए राजेश मिश्रा ने बताया कि जांच की जा रही है। जल्द ही जांच रिपोर्ट आने के बाद यह तथ्य सामने आएगा कि पीएम आवास की पात्रता सूची से कितने पात्रों के नाम डिलीट किए गए हैं।
