व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है। राजधानी लखनऊ में इसका सबसे ज्यादा असर स्ट्रीट फूड वेंडरों, छोटे रेस्टोरेंटों और ढाबा संचालकों पर पड़ेगा। इनके पास रिजर्व रखने के लिए सिलिंडरों की संख्या कम होती है। यहां एक-दो दिन में गैस खत्म हो सकती है। ऐसे में इन पर निर्भर करीब पांच लाख की आबादी के सामने खाने-पीने का संकट पैदा हो सकता है।
राजधानी में बड़ी संख्या में बाहर से आने वाले और नौकरीपेशा लोग हैं। इनके अलावा 25 हजार से ज्यादा विद्यार्थी बाहर से आकर यहां रहते हैं। ये सभी स्ट्रीट फूड वेंडरों, छोटे रेस्टोरेंटों, ढाबा और टिफिन सर्विस पर निर्भर हैं।
