Vicious thug Prakhar arrested, two more cases registered

प्रखर सेठ

लखनऊ। नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले प्रखर सेठ को शनिवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सुशांत गोल्फ सिटी थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी की दो और एफआईआर दर्ज की गई हैं। एक में उसकी पत्नी को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने प्रखर की पत्नी की भूमिका की जांच भी शुरू की है। शुरुआती जांच में ठोस सुबूत सामने आए हैं। अब उस पर भी कार्रवाई करने की तैयारी है।

गोमतीनगर विस्तार के अलकनंदा अपार्टमेंट निवासी प्रखर सेठ का सात नवंबर को अपहरण हो गया था। पुलिस ने उसे लखीमपुर से मुक्त कराकर पांच युवकों को गिरफ्तार किया था। तब खुलासा हुआ था कि प्रखर ने नौकरी के नाम पर उन युवकों से 20 लाख रुपये की ठगी की थी। अपनी रकम वसूलने के लिए ही उन युवकों ने प्रखर को अगवा कर उसकी पत्नी ऋचा को फोन करके 20 लाख रुपये रंगदारी मांगी थी।

प्रखर की करतूत उजागर होने पर कई पीड़ितों ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में उसके खिलाफ तहरीर दी। जिसके बाद पुलिस ने शुक्रवार तीन पीड़ितों की तहरीर पर प्रखर के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की थीं। शनिवार को उसके खिलाफ दो और केस दर्ज किए गए।

डीसीपी साउथ विनीत जायसवाल ने बताया कि आरोपी प्रखर को गिरफ्तार कर शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से वह जेल भेज दिया गया। उसके खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं। सभी शिकायतों को जांच में शामिल किया गया है। उस पर कई और एफआईआर दर्ज हो सकती हैं।

पुलिस ने शनिवार को जो दो एफआईआर दर्ज की हैं, उसमें से एक हमीरपुर निवासी रोहन ने दर्ज कराई है। रोहन के मुताबिक प्रखर ने उन्हें मेट्रो में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच लाख रुपये ठगे। नियुक्ति पत्र भी दिया था। जब वह ज्वाइन करने पहुंचे तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। वहीं दूसरी एफआईआर लखीमपुर खीरी के इमरान ने दर्ज कराई है। आरोप है कि जनवरी 2023 में स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर प्रखर ने उनसे छह लाख रुपये ठगे। ये रकम प्रखर की पत्नी ऋचा के खाते में ट्रांसफर की गई थी। इसलिए इमरान की एफआईआर में ऋचा को भी आरोपी बनाया गया है।

इमरान के मुताबिक प्रखर ने उन्हें एक शख्स से मिलवाया था। दावा किया था वह शख्स मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में अधिकारी है। वही नौकरी लगवाएगा। इसलिए इमरान ने उसे भी आरोपी बनाया है। हालांकि आशंका है कि प्रखर ने अपने किसी साथी को ही मेट्रो अधिकारी बताकर इमरान से मिलवाया था। बाकी चीजें जांच में साफ होंगी।

आरोपी प्रखर ने ठगी के लिए अपने बैंक खातों के अलावा पत्नी के खाते का भी इस्तेमाल किया है। पुलिस पता कर रही है कि कहीं प्रखर के और खाते भी तो नहीं हैं। पुलिस उसके सभी खाते फ्रीज कराएगी। डीसीपी ने बताया कि प्रखर एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था। 2019 से उसने नौकरी के नाम पर ठगी का खेल शुरू किया। कुछ लोगों ने जब ज्यादा दबाव बनाया तो उनको ये धमकी भी देता था कि अगर पुलिस से शिकायत की तो उसके साथ वह भी जेल जाएंगे, क्योंकि रिश्वत उन्होंने दी। इसलिए कई लोग डरकर चुप हो गए।



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