रायबरेली। मुंशीगंज में सड़क को फोरलेन बनाने में बिजली के खंभे और पेड़ रोड़ा अटकाए हैं। इसके चलते सड़क निर्माण का काम करीब दो माह से बंद पड़ा। पुरानी सड़क खोद कर डाल दी गई है जिसके चलते लोगों का आवागमन मुश्किल हो रहा है। डलमऊ कार्तिक पूर्णिमा मेले में जाने वाले श्रद्धालु भी परेशान हो रहे हैं।

लखनऊ-प्रयागराज हाईवे से निकले मुंशीगंज-डलमऊ रोड से प्रतिदिन 20 से 25 हजार लोग आवागमन करते हैं। इसी रोड पर स्थित एम्स में रोज सैकड़ों लोग उपचार के लिए पहुंचते है। इस वजह से मुंशीगंज कस्बे में भीड़भाड़ रहती है। भारी वाहनों के आवागमन के चलते सुबह से शाम तक जाम लगता है।

इस समस्या के समाधान के लिए मुंशीगंज कस्बे में शहीद स्मारक से मधपुरी गांव तक सात करोड़ की लागत से 700 मीटर सड़क को फोरलेन बनाने की योजना बनाई गई। अभी सात मीटर चौड़ी सड़क को 18 मीटर चौड़ा किया जाना है।

इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने पुरानी सड़क की खोदाई कर दी लेकिन उसके किनारे लगे बिजली के खंभे व तीन लाइनें और 42 पेड़ नहीं हटाए जाने से निर्माण कार्य रुक गया। इस पर लोक निर्माण विभाग ने खंभे हटाने के लिए पावर कॉर्पाेरेशन और पेड़ हटाने के लिए वन विभाग को पत्र भेजा।

इस काम के लिए पावर कॉपोरेशन को 29 लाख और वन विभाग को 14 लाख का भुगतान भी कर दिया गया। इसके बाद भी खंभे व पेड़ अभी हटाए नहीं गए हैं। इसके चलते सड़क चौड़ी करने का काम करीब दो माह से ठप पड़ा है। पुरानी सड़क की खोद किए जाने से प्रतिदिन हजारों लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।

पावर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता वाईएन राम ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जल्द ही खंभे हटाने के साथ विद्युत लाइन शिफ्ट कराई जाएगी। वन विभाग के क्षेत्रीय वनाधिकारी सदर अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि पेड़ हटाने के लिए आकलन करके रिपोर्ट विभाग को भेज दी गई है।

खंभे व पेड़ हटने के बाद होगा कार्य

सड़क चौड़ीकरण के दायरे में पेड़ और बिजली के खंभे आ रहे हैं। उन्हें हटाने के लिए पॉवर कॉपोरेशन और वन विभाग को निर्धारित राशि का भुगतान कर दिया गया है। इसके बाद भी खंभे व पेड़ नहीं हटाए जाने के कारण निर्माण कार्य ठप है। उनके हटने के बाद निर्माण शुरू कराया जाएगा।

प्रमोद कुमार राणा, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग

परेशान लोग बोले, सड़क की खोदाई से पहले हटाते खंभे व पेड़

चौड़ीकरण के लिए पुरानी सड़क खोदे जाने से क्षेत्र के दो माह से परेशान हैं। क्षेत्र के अमित कुमार दुबे का कहना है कि पुरानी सड़क खोदे जाने से गिट्टियां फैली पड़ी हैं। उनके बीच से वाहन निकालना मुश्किल होता है। व्यापारी वीरेंद्र अग्रहरि का कहना है कि पुराने सड़क की खोदाई कराने से पहले खंभे व पेड़ हटाए जाते तो आवागमन में परेशानी नहीं होती। इस समस्या को लेकर प्रदर्शन करने पर भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। दवा विक्रेता धर्मेंद्र त्रिवेदी का कहना है कि पुरानी सड़क की खोदाई के बाद से दिनभर धूल उड़ती है। इससे परेशानी होने के साथ कारोबार भी चौपट हो रहा है। अधिवक्ता एसपी पांडेय बताते हैं कि मुंशीगंज से मधुपुरी गांव तक जाम वजह से आवागमन मुश्किल हो रहा है।



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