लखनऊ। पीजीआई इलाके में दुष्कर्म की कोशिश के विरोध पर हुए हमले से पहले युवती ने मदद के लिए पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन किया था। पुलिस ने युवती से उसकी लोकेशन मांगी थी।
इससे पहले ही आरोपी पंकज ने धारदार हथियार से हमला कर दिया था। घटना में शामिल पंकज के दो फरार साथियों पूरन व ललित को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
घायल युवती का कमांड अस्पताल में इलाज चल रहा है। शनिवार को कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने कमांड अस्पताल पहुंच कर युवती के परिवार से मुलाकात की।
घायल युवती ने बयान दिया है कि जान बचाने के लिए उसने पंकज से शादी करने तक की बात कह दी, लेकिन वह नहीं माना और धारदार हथियार से हमला कर दिया।
इसके बाद आरोपी अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़कर भाग गया था। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की तो मोबाइल घर पर मिला। आरोपी पुलिस से बचने के लिए जंगल की तरफ गया है।
जहां पुलिस ने खोजबीन शुरू की, वहां पर वह पत्तों के ढेर के नीचे से छिपा था। एडीसीपी पूर्वी अली अब्बास ने बताया कि जल्द युवती का मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया जाएगा। युवती की कॉलोनी में गश्त बढ़ा दी गई है।
