लखनऊ। हावड़ा, दिल्ली रूट की ट्रेनें कैंसिल होने से सफर पर संकट शुरू हो गया। गिनी-चुनी ट्रेनें ही इन रूटों पर चलने से कंफर्म टिकटों के लिए मारामारी मची हुई है। जिन यात्रियों के पास कंफर्म टिकट थे, ट्रेन रद्द होने से वे परेशान हैं। गोरखपुर व वाराणसी में यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के चलते 50 से ज्यादा ट्रेनें रद्द हुई हैं।
तृप्ति भारती पेशे से नर्स हैं। उन्होंने 19 सितंबर को लखनऊ जंक्शन से छपरा के लिए टिकट बुक कराया था। उन्हें थर्ड एसी में कंफर्म सीट मिली थी। पर, वाराणसी में यार्ड के काम के चलते ट्रेन को 19 सितंबर से 14 अक्तूबर तक कैंसिल कर दिया गया। अब तृप्ति के सामने कंफर्म सीट का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे ही पूजा सिंह ने लखनऊ जंक्शन-जबलपुर चित्रकूट एक्सप्रेस की थर्ड एसी में पति के साथ टिकट कराया। उनके पास कंफर्म टिकट था, लेकिन ट्रेन कैंसिल होने से वह वेटिंग में आ गईं और मजबूरन उन्हें यात्रा निरस्त करनी पड़ी। तमाम यात्री ऐसी परेशानी का सामना कर रहे हैं।
तत्काल की सीटों से राहत की उम्मीद
पंजाब, दिल्ली, हावड़ा रूट की ट्रेनों के कैंसिल होने के बाद अब जिन यात्रियों की यात्राएं आवश्यक हैं, वे कंफर्म सीटों के लिए तत्काल के भरोसे सफर करेंगे। इन तीनों रूटों पर लखनऊ से जाने वाली ट्रेनों की ढाई हजार से अधिक तत्काल कोटे की सीटें हैं, जिनकी बुकिंग यात्रा के एक दिन पहले होगी। ऐसे में आरपीएफ की ओर से तत्काल टिकटों में सेंधमारी करने वाले दलालों पर अंकुश लगाने के लिए टीमें गठित कर आरक्षण केंद्रों पर लगाई जाएंगी।
