
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
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समाजवादी पार्टी ने कश्यप-निषाद समाज पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की रणनीति बनाई है। इसके तहत हर जिले में सजातीय समाज के बीच सम्मेलन करने की तैयारी की जा रही है। पार्टी पदाधिकारियों के बीच क्षेत्रवार जिम्मेदारियां भी बांटी जा रही हैं।
अखिलेश यादव ने कश्यप, निषाद, धीमर, कहार, मझवार, रैकवार व तुरहा समेत रोटी-बेटी के रिश्ते रखने वाली जातियों के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ 13 अक्तूबर को लंबी बातचीत की थी। जातीय जनगणना समेत तमाम मुद्दों पर उनकी राय जानी। साथ ही यह भी भरोसा दिया कि केंद्र की सत्ता में प्रभावी भूमिका में आने पर आरक्षण संबंधी उनकी मांगों को पूरा करने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास किए जाएंगे। लेकिन, उस स्थिति में सपा को लाने के लिए कश्यप-निषाद समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों को अभी से जनाधार बढ़ाने में मदद करनी होगी।
सपा की ओबीसी विंग को जिम्मेदारी दी गई है कि कश्यप-निषाद समाज के साथ बस्ती, बरेली और एटा में जो घटनाएं हुई हैं, उन्हें लेकर हर जिले व मंडल में जाना है। सजातीय सम्मेलन करके यह बताना है कि फूलन देवी को सांसद बनाने का काम सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने ही किया था।
जबकि, भाजपा जातीय जनगणना तक के समर्थन में नहीं है और जातीय जनगणना से ही हर जाति की आबादी के अनुपात में भागीदारी सुनिश्चित होगी। सपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजपाल कश्यप कहते हैं कि हम इन मुद्दों को लेकर योजनाबद्ध ढंग से कश्यप-निषाद समाज के बीच जा रहे हैं।
