
सांकेतिक तस्वीर।
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लखनऊ में मोहनलालगंज की एक किशोरी को उन्नाव में एक फैक्टरी में बंधक बनाकर गैंगरेप का मामला सामने आया है। करीब छह दिन बाद किशोरी किसी तरह आरोपियों से चंगुल से बचकर घर पहुंची और आपबीती बताई। परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस ने कुछ नहीं किया।
मंगलवार को मामला मीडिया के संज्ञान में आया तो आनन-फानन पुलिस ने बाराबंकी के शरीफ व उन्नाव के नागेश पर केस दर्ज कर लिया। आरोपी नागेश को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस का कहना है कि 16 सितंबर को लौटी किशोरी ने डर के चलते कुछ नहीं बताया था। मंगलवार को उसने बात बताई तो मामला सामने आया। मुख्य आरोपी शरीफ और किशोरी की मां एक ही जगह पर काम करते हैं। शरीफ चालक के पद पर कार्यरत है।
मोहनलालगंज के एक गांव में 17 वर्षीय किशोरी परिवार संग रहती है। 11 सितंबर को छोटे भाई-बहन से झगड़े के बाद किशोरी नाराज होकर घर से चली गई थी। तलाश के बावजूद कुछ पता न चलने पर परिजन ने किशोरी के लापता होने की शिकायत पुलिस से की थी। 16 सितंबर को किशोरी बदहवास हालत में घर पहुंची। पूछने पर बताया कि शरीफ नौकरी दिलाने के बहाने बहाने उन्नाव के गोपालखेड़ा में एक प्लाईवुड फैक्ट्री ले गया। बंधक बनाकर नागेश को बुला लिया और गैंगरेप किया। किसी तरह किशोरी चंगुल से बचकर भाग निकली थी।
पीड़िता की मां का आरोप, पुलिस ने समय से नहीं दर्ज किया केस
किशोरी की मां का आरोप है कि 16 सितंबर को ही शिकायत की थी, पर मोहनलालगंज पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। मंगलवार को मामला मीडिया के संज्ञान में आया तो पुलिस ने केस दर्ज कर किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा। आरोपी नागेश को हिरासत में ले लिया गया है।
